
इजरायल के खिलाफ आतंकी जंग शुरू करने वाले हमास के प्रमुख इस्माइल हानिया को मार गिराया गया. ईरान की राजधानी तेहरान में उसके घर पर इजरायल में घातक एयरस्ट्राइक किया. अब हालात बिगड़ गए हैं. वो भी बहुत ज्यादा. ईरान में उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बड़ी बैठक हो रही है. इसमें ईरानी सेना के प्रमुख भी हैं. पूरी आशंका है कि जंग का ऐलान हो जाए.
दोनों देशों में फिलहाल फुल स्केल वॉर नहीं हो रहा है. लेकिन हो सकता है. इस जंग में लेबनान भी कूद सकता है. क्योंकि उसने इस बात से इंकार किया है कि इजरायली सेना ने ईरान समर्थित लेबनानी समूहों के आधे से ज्यादा कमांडरों को मार गिराया है. उधर, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अदन की खाड़ी में यमन के तट के पास बैलिस्टिक मिसाइल दागकर एक जहाज पर हमला किया है.
यह भी पढ़ें: तीसरा विश्व युद्ध, ईरान पर विस्फोटक खुलासा... देखें हमले के बाद ट्रंप ने पहली स्पीच में क्या कुछ कहा
दोनों ही देश लंबे समय से शैडो वॉर (Shadow War) कर रहे हैं. हमला करते हैं. मानते नहीं है. फिर दूसरा हमला करता है. ये हमले छोटे, घातक या कई बार ज्यादा भयानक होते आए हैं. अप्रैल से चल रही इस जंग में एक बात कॉमन है. ये लड़ाई सिर्फ इस बात की थी कि तुमने मारा तो मैं भी मारूंगा. तुमने ताकत दिखाई, इसलिए मैं भी शक्ति प्रदर्शन करूंगा.
एक वक्त था जब दोनों देश दोस्त होते थे, आज दुश्मन
1979 में ईरान में इस्लामिक रेवोल्यूशन तक इजरायल और ईरान मित्र देश थे. लेकिन इसके बाद ईरान की सरकार ने इजरायल का विरोध किया. ईरान मानता था कि इजरायल जैसे देश को होना ही नहीं चाहिए. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खमैनी ने पहले भी इजरायल को कैंसर ट्यूमर कहा है. ये भी कहा कि इस देश को जड़ से खत्म कर देना चाहिए. पूरी तरह से बर्बाद कर देना चाहिए. इजरायल को लगता है कि ईरान के पास कई विध्वंसक हथियार हैं. वो फिलिस्तीनी आतंकी समूह हमास और लेबनानी शिया आतंकी समूह हिजबुल्लाह को पैसा, हथियार, समर्थन देता है.
जंग हुई तो कौन पड़ेगा भारी... जानिए दोनों देशों की मिलिट्री ताकत
दुनिया में ताकतवर मिलिट्री के मामले में ईरान 14वें और इजरायल 17वें स्थान पर हैं. ईरान की आबादी 8.75 करोड़ से ज्यादा तो इजरायल की मात्र 90 लाख से थोड़ी अधिक है. ईरान के पास मिलिट्री में काम करने लायक फिट लोगों की संख्या 4.11 करोड़ है. इजरायल के पास मात्र 31.56 लाख.
यह भी पढ़ें: US अपने सभी फाइटर जेट्स में लगा रहा Mako हाइपरसोनिक मिसाइल, रूस-चीन की हालत होगी खराब
इजरायल रिजर्व फोर्स में तो ईरान सैनिकों की संख्या में आगे
ईरान के पास कुल सैनिकों की संख्या 11.80 लाख है. जबकि इजरायल के पास 6.70 लाख. ईरान के पास एक्टिव सैनिक 6.10 लाख हैं. इजरायल के पास 1.70 लाख. ईरान के पास रिजर्व सैन्य बल 3.50 लाख और इजरायल के पास 4.65 लाख. यहां इजरायल ईरान से थोड़ा आगे है. लेकिन ईरान के पास सैनिक ज्यादा हैं.
ईरान के पास 2.20 लाख पैरा-मिलिट्री है, जबकि इजरायल के पास मात्र 35 हजार सैनिक. ईरान के पास कुल 42 हजार वायुसैनिक हैं. इजरायल के पास 89 हजार. अगर थल सैनिकों की बात करें तो ईरान के पास 3.50 लाख तो इजरायल के पास 5.26 लाख. यहां भी इजरायल ईरान से आगे है. ईरान के पास कुल 18,500 नौसैनिक हैं, जबकि इजरायल के पास 19,500.
इजरायल के पास ईरान से ज्यादा फाइटर जेट
ईरान की वायुसेना के पास 551 एयरक्राफ्ट रिजर्व में हैं. जबकि, 358 एक्टिव हैं. वहीं इजरायल के पास 612 रिजर्व और 490 एक्टिव एयरक्राफ्ट हैं. ईरान के पास 186 फाइटर जेट्स हैं, जिनमें से 121 हर समय हमले के लिए तैयार रहते हैं. जबकि इजरायल के पास 241 फाइटर जेट्स हैं, जिनमें से 193 हमला के लिए रेडी रहते हैं. यानी इन मामलों में भी इजरायल ईरान से काफी आगे है.
यह भी पढ़ें: भारतीय वायुसेना के Su-30MKI फाइटर जेट बनेंगे 'सुपर सुखोई', ताकत बढ़ाने की ये है तैयारी
ईरान के पास 86 ट्रांसपोर्ट विमान हैं, जिनमें से 56 एक्टिव हैं. इजरायल के पास 12 हैं, जिनमें से 10 एक्टिव सर्विस में हैं. दो स्टॉक में है. ईरान के पास 102 ट्रेनर्स हैं, इजरायल के पास 155 ट्रेनर्स एयरक्राफ्ट हैं. ईरान के पास 129 हेलिकॉप्टर्स हैं, जिनमें से 84 रेडी मोड हैं. जबकि इजरायल के पास 146 हेलिकॉप्टर्स हैं, जिनमें से 117 एक्टिव मोड में हैं. ईरान के पास 13 अटैक हेलिकॉप्टर हैं, जबकि इजरायल के पास 48.
ईरान के पास टैंक तो इजरायल के सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी ज्यादा
ईरान के पास कुल मिलाकर 1996 टैंक हैं, जिनमें से 1397 इस समय जंग के लिए तैयार हैं. इजरायल के पास 1370 टैंक हैं, जिनमें से 1096 टैंक हमले के लिए तैयार हैं. ईरान के पास कुल 65,765 सैन्य वाहन हैं, जिनमें से 46 हजार से ज्यादा एक्टिव हैं. इजरायल के पास 43,407 सैन्य वाहन हैं, जिनमें से 34,736 एक्टिव मोड में हैं.
यह भी पढ़ें: दिल्ली-मुंबई का कवच... दुश्मन देश का हर घातक हमला फेल कर देगा भारत का नया ब्रह्मास्त्र AD-1
अगर सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी की बात करें तो ईरान के पास 580 हैं, जिनमें से 406 एक्टिव सर्विस में हैं. बाकी स्टकॉ में. वहीं, इजरायल के पास 650 सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी है, जिनमें से 540 हमला करने के लिए तैयार हैं. अगर खींचने वाली आर्टिलरी की बात करें तो ईरान के पास 2050 हैं, इजरायल के पास सिर्फ 300. ईरान के पास 775 मल्टी-लॉन्चर रॉकेट सिस्टम (MLRS) है, जबकि इजरायल के पास सिर्फ 150.
नौसेना के मामले में ईरान से काफी ज्यादा कमजोर है इजरायल
ईरान के पास कुल 101 नौसैनिक एसेट्स हैं. इजरायल के पास 67. दोनों देशों के पास कोई भी एयरक्राफ्ट कैरियर या हेलिकॉप्टर कैरियर्स नहीं हैं. न ही दोनों के पास डेस्ट्रॉयर्स हैं. ईरान के पास सात फ्रिगेट है. इजरायल के पास नहीं है. ईरान के पास तीन कॉर्वेट्स हैं, इजरायल के पास 7 कॉर्वेट्स हैं. ईरान के पास 19 सबमरीन है, इजरायल के पास 5 हैं. ईरान के पास 21 पेट्रोल वेसल है, इजरायल के पास 45 पेट्रोल वेसल हैं.