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Defence Export Record: पूरी दुनिया को पसंद आ रहे हैं भारतीय हथियार... 2023 में रिकॉर्डतोड़ निर्यात

इस साल भारत के डिफेंस सेक्टर ने रिकॉर्ड तोड़ा है. इस साल पिछले साल की तुलना में 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का रक्षा निर्यात हुआ है. जिसमें बड़े हथियार से लेकर छोटे उपकरण शामिल है. इसके अलावा रक्षा उत्पादन का भी रिकॉर्ड टूटा है. इस साल एक लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन हुआ है. इन दोनों आंकड़ों ने रिकॉर्ड तोड़े हैं.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि इस साल पिछले साल की तुलना में 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का रक्षा निर्यात हुआ है. साथ ही देश में एक लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन हुआ है. इस साल पूरी दुनिया से LCA-Tejas, हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर, एयरक्राफ्ट कैरियर और अन्य चीजों की डिमांड रही. 

भारतीय सेनाओं को आधुनिक बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर मिशन के तहत ज्यादातर चीजों, हथियारों, उपकरणों को भारत में ही बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इससे भारत की सीमाएं सुरक्षा बढ़ी है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष यानी 2022-23 में करीब 16 हजार करोड़ रुपए का रक्षा निर्यात हुआ है. यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 3000 करोड़ रुपए ज्यादा है. जबकि 2016-17 की तुलना में 10 गुना ज्यादा है. 

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भारत इस समय 85 से अधिक देशों को रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहा है. भारत ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि कैसे उसकी डिजाइन, तकनीक और विकास का तरीका शानदार है. इस समय देश की 100 से ज्यादा कंपनियां रक्षा उत्पादों को दूसरे देशों में निर्यात कर रही हैं. इनमें हथियार से लेकर विमान, मिसाइल से लेकर रॉकेट लॉन्चर्स तक हैं. 

जो चीजें निर्यात हो रही हैं- उनमें शामिल हैं डॉर्नियर-228 एयरक्राफ्ट, 155 mm ATAGS, ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, राडार, सिमुलेटर्स, बारूदी सुरंगों से बचाने वाली गाड़ियां, बख्तरबंद गाड़ियां, पिनाका रॉकेट और लॉन्चर्स, हथियार, थर्मल इमेजर, बॉडी ऑर्मर इसके अलावा एवियोनिक्स और कई छोटे-मोटे हथियार और उपकरण.  

डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की पांचवीं पॉजिटिव इंडीनाइजेशन लिस्ट (PIL) में 98 ऐसी वस्तुओं का जिक्र किया गया है, जो एक्सपोर्ट हो रही हैं. इसमें HCS, सेंसर, वेपन एंड एम्यूनिशन भी शामिल हैं. ये सभी पूरी तरह से देश में बन रही हैं. पहले PIL की सूची में 411 मिलिट्री उत्पाद थे. लेकिन बाद में ये बढ़कर 4666 हो गया. 

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वर्तमान वित्त वर्ष 2022-23 में डिफेंस कैपिटल प्रोक्योरमेंट बजट में स्वदेशी हिस्सा 68 फीसदी था. अगली बार के लिए वह बढ़ाकर 75 फीसदी कर दी गई है. इसके बारे में एयरो इंडिया शो के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने खुलासा किया था. इसी प्रोग्राम के तहत भारत की सबसे बड़ी हेलिकॉप्टर फैक्टरी खोली गई. वहां पर लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर्स बन रहे हैं.  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर में तेजस ट्विन सीटर फाइटर जेट उड़ान भरी. यह पहली बार था जब देश के प्रधानमंत्री ने किसी फाइटर जेट में उड़ान भरी थी. इसके बाद पीएम मोदी तेजस के प्रोडक्सन फैसिलिटी में भी गए. वहां पर इसके बनने की प्रक्रिया भी देखी. इसके अलावा भारतीय वायुसेना के नए ट्रांसपोर्ट विमान C-295 को शामिल किया गया. 

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