
अमेरिका से निर्वासित किए गए 104 भारतीय अब घर लौट चुके हैं. जानकारी के मुताबिक, अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों को मेक्सिको-अमेरिकी सीमा से पकड़ा गया था. कहा जा रहा है कि ये लोग भारत से वैध तरीके से रवाना हुए थे, लेकिन इन्होंने डंकी रूट के जरिए अमेरिका में घुसने की कोशिश की थी. निर्वासित लोगों में हरियाणा और गुजरात से 33-33, पंजाब से 30, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से तीन-तीन और चंडीगढ़ से दो लोग हैं.
क्या होता है डंकी रूट?
इसी बीच, लोगों के मन में यह सवाल है कि डंकी रूट होता क्या है. अगर आपने शाहरुख खान की फिल्म *डंकी* देखी है, तो आप समझ जाएंगे कि डंकी रूट क्या है और इस रास्ते दूसरे देशों तक पहुंचने वाले लोग किस तरह अपनी जान जोखिम में डालते हैं. डंकी रूट यानी गैरकानूनी तरीके से विदेश जाने का रास्ता. इसमें लोग कई देशों से होते हुए गैरकानूनी रूप से अमेरिका, कनाडा या यूरोप में घुसने की कोशिश करते हैं. ये लोग टूरिस्ट वीजा या एजेंट्स की मदद से लैटिन अमेरिका के किसी देश (जैसे ब्राजील, इक्वाडोर, पनामा, या मैक्सिको) तक पहुंचते हैं. वहां से जंगलों, नदियों और रेगिस्तानों के रास्ते पैदल चलकर अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर तक पहुंचते हैं. इसके बाद दलालों की मदद से अमेरिका में अवैध रूप से घुसने की कोशिश करते हैं.
मानव तस्करों को देने पड़ते हैं लाखों रुपये
डंकी शब्द की उत्पत्ति पंजाब के डुंकी शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है एक जगह से दूसरी जगह कूदना. डंकी रूट एक लंबा और बेहद मुश्किल सफर होता है. डंकी रूट से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में कई बार महीनों लग जाते हैं. इसमें लोग अवैध तरीके से ट्रक, विमान या नाव, पैदल चलकर या जंगलों के रास्ते एक देश से दूसरे देश जाते हैं. इस दौरान उन्हें खराब मौसम, भूख, बीमारी, दुर्व्यवहार और कभी-कभी मौत का भी सामना करना पड़ता है. इस यात्रा के दौरान लोगों को छुपकर रहना पड़ता है, क्योंकि अगर किसी की नजरों में आए तो पकड़े जाने का खतरा रहता है. डंकी रूट अपनाने के लिए लोगों को मानव तस्करों को लाखों रुपये देने पड़ते हैं. मानव तस्कर भी यह काम छुपकर और अवैध तरीके से करते हैं.
इसमें भागने वाले लोग एक या दो देशों से नहीं, बल्कि कई देशों से होते हुए अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं. इस यात्रा के लिए केवल एक देश का वीजा लिया जाता है, और फिर दूसरे देशों में जाने के लिए डंकी रूट शुरू हो जाता है. डंकी रूट तब सुर्खियों में आया जब फ्रांस ने दुबई से निकारागुआ जा रहे 303 भारतीय यात्रियों से भरे एक चार्टर विमान को मानव तस्करी के संदेह में रोक लिया था. इन यात्रियों में से अधिकांश को भारत वापस भेज दिया गया था. आमतौर पर, तस्कर इन यात्रियों को यह आश्वासन देते हैं कि वे उन्हें यूरोप के देशों में वीजा दिलवाएंगे या अवैध तरीके से वहां पहुंचने में मदद करेंगे.
डिपोर्ट किए गए लोगों पर नहीं होगी कार्रवाई
डिपोर्ट किए गए लोगों पर भारत में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, क्योंकि उन्होंने भारत के किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है. वे कानूनी रूप से भारत से बाहर गए थे, लेकिन अमेरिका में अवैध रूप से घुसने की कोशिश के कारण उन्हें वापस भेजा गया है. हालांकि, अगर इन लोगों के पास पासपोर्ट उपलब्ध नहीं हैं, तो उनकी पहचान बायोमेट्रिक्स के जरिए की जाएगी. इसके अलावा जिन दलालों ने इन लोगों को भेजा है उनकी पहचान की जाएगी.