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बॉलीवुड का पहला फैशन आइकॉन... आज है उनका जन्मदिन, जानें उस सदाबहार हीरो की कहानी

आज का दिन यानी 26 सितंबर भारतीय फिल्म जगत के एक महान हस्ती से जुड़ा है. जिस शख्सियत की हम बात कर रहे हैं. उन्हें बॉलीवुड का सदाबहार अभिनेता कहा जाता है. जी हां, यहां हम बात कर रहे हैं. देव साहब की यानी देव आनंद. आज देव आनंद का जन्मदिन है.

देव आनंद की जयंती देव आनंद की जयंती
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

आज 26 सितंबर है. आज के दिन ही हिन्दी फिल्म जगत के सदाबाहर अभिनेता देव आनंद का जन्म हुआ था. यह उनकी 101वीं जयंती है. 26 सितंबर 1923 में देव आनंद का जन्म पंजाब के गुरुदासपुर में हुआ था. वह एक अभिनेता के साथ-साथ लेखक, फिल्म निर्माता और निर्देश भी थे. उन्हें बॉलीवुड का फैशन आइकॉन भी कहा जाता है. देव आनंद ने अपने स्कार्फ़, मफलर, और जैकेट के साथ फैशन स्टेटमेंट बनाया था. उनका काले कोट और सफ़ेद शर्ट का लुक बहुत मशहूर था.

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देव आनंद का फिल्मी सफर 65 साल का रहा. पूरी उम्र वह फिल्मों में रचे-बसे रहे. 3 दिसंबर 2011 को उनका निधन हो गया. भारत सरकार ने देव आनंद को भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए 2001 में पद्म भूषण और 2002 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कारों से सम्मानित किया था. देव आनंद का पूरा नाम धर्मदेव आनंद था. फिल्म जगत में उन्हें देव आनंद के नाम से प्रसिद्धि मिली. उनके पिता पिशोरी लाल आनंद एक बड़े वकील थे. देव आनंद की स्कूल की पढ़ाई डलहौजी से हुई थी.

3 रुपये लेकर आए थे मुंबई
इसके बाद उन्होंने लाहौर के कॉलेज से आगे की पढ़ाई पूरी की. देव आनंद के भाई, चेतन आनंद और विजय आनंद भी भारतीय सिनेमा में सफल निर्देशक थे. उनकी बहन शील कांता कपूर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक शेखर कपूर की मां है. देव आनंद ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वे काम की तलाश में मुंबई आए थे, तो उनके पास सिर्फ 3 रुपये थे. 

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65 रुपये मासिक वेतन पर भी किया काम
1940 के दशक की शुरुआत में देव आनंद मुंबई बहुंचे. यहां सैन्य सेंसर कार्यालय में 65 रुपये मासिक वेतन पर आजीविका के लिए काम शुरू किया. बाद में उन्होंने 85 रुपये के वेतन पर एक लेखा फर्म में क्लर्क के रूप में भी काम किया. वह अपने बड़े भाई चेतन के साथ इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) के सदस्य के रूप में शामिल हो गए. अछूत कन्या और किस्मत जैसी फिल्मों में अशोक कुमार के अभिनय को देखने के बाद देव आनंद के मन में भी एक कलाकार बनने की ख्वाहिश जगी.

1946 में की बतौर अभिनेता करियर की शुरुआत
देव आनंद ने एक साक्षात्कार में कहा कि -मुझे याद है कि जब मैं उस आदमी के कार्यालय में घुसा जिसने मुझे पहला ब्रेक दिया था, तो वह मुझे देखता रहा - प्रभात फिल्म स्टूडियो के बाबू राव पई. उस समय उन्होंने मन बना लिया था कि यह लड़का एक ब्रेक का हकदार है और बाद में अपने लोगों से कहा कि 'इस लड़के ने मुझे उसकी मुस्कान और खूबसूरत आंखों और उसके जबरदस्त आत्मविश्वास के कारण प्रभावित किया.'फिर उन्हें जल्द ही प्रभात फिल्म्स की हम एक हैं (1946) में मुख्य भूमिका की पेशकश की.

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फिर कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा...
अभिनेता के तौर पर देवानंद के करियर की शुरूआत वर्ष 1946 में ‘हम एक हैं’ फिल्म से हुई थी. वर्ष 1947 में ‘जिद्दी’ प्रदर्शित हुई और तब तक बॉलीवुड पर देवानंद की सफलता का परचम लहरा चुका था. ‘जिद्दी’ के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.देव आनंद ने अपने कर‍ियर में कई हिट फिल्में दी. इनमें विद्या, जीत, अफसर, नीली, दो सितारे, सनम, जिद्दी, बाजी, आंधियां, टैक्सी ड्राइवर, हाउस नंबर 44, नौ दो ग्यारह, पॉकेट मार, सीआईडी, पेइंग गेस्ट, गाइड समेत कई फिल्में शामिल हैं.

1949 में देव आनंद ने अपनी एक फिल्म कम्पनी बनाई. उसका नाम उन्होंने नवकेतन रखा. इस तरह वो फिल्म निर्माता बन गए. देव आनंद साहब ने अपने मित्र गुरुदत्त का निर्देशक के रूप में चयन किया और एक फिल्म का निर्माण किया. उसका नाम था बाजी, ये फिल्म 1951 में प्रदर्शित हुई और काफी सफल हुई.

1965 में रिलीज हुई पहली कलर फिल्म गाइड
1965 में उनकी पहली रंगीन फ़िल्म प्रदर्शित हुई, जिसका नाम था गाइड, ये एक मशहूर लेखक आर के नारायण के उपन्यास पर आधारित थी. इसका निर्माण उनके छोटे भाई विजय आनंद ने किया था. इस फ़िल्म में देव आनंद के साथ वहीदा रहमान थी. ये फिल्म देव साहब की बेहतरीन फिल्मों में से एक है. इसके बारे में कहा जाता है कि अब दोबारा गाइड कभी नहीं बन सकती. ऐसी फिल्म सिर्फ एक बार ही बनती है.

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सुरैय्या के साथ शादी होती तो जिंदगी कुछ और ही होती 
देव आनंद और सुरैय्या के बीच का किस्सा सभी जानते हैं. उनके साथ उन्होंने 6 फिल्मों में काम किया. एक बार देव आनंद ने शूटिंग के दौरान सुरैया को पानी में डूबने से बचाया तब से वो उन्हें प्यार करने लगीं, लेकिन सुरैया की दादी धार्मिक कारणों से इनके रिश्ते के खिलाफ थीं. सुरैय्या आजीवन कुंवारी ही रहीं. देव आनंद ने भी स्वीकार किया था कि वो उनसे प्यार करते थे. यदि उनकी शादी सुरैय्या के साथ हो गयी होती तो उनका जीवन शायद कुछ और ही होता.

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इन महान हस्तियों का है जन्मदिन 

26 सितंबर 1820 को प्रसिद्ध समाज सुधारक, शिक्षाशास्त्री और स्वाधीनता सेनानी ईश्वर चन्द्र विद्यासागर का जन्म.

26 सितंबर  1888 को नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकन, अंग्रेजी लेखक  टी.एस. इलियट  का जन्म.

26 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएं


1087 - विलियम द्वितीय इंग्लैड के सम्राट बने.
1777 - अमेरिकी क्रांति: ब्रिटिश सैनिकों का फिलाडेल्फिया पर क़ब्ज़ा.
1872 - न्यूयॉर्क सिटी में पहला मंदिर बना.
1950 - संयुक्त राष्ट्र सैनिकों ने उत्तर कोरिया के सैनिकों से सोल को अपने कब्जे में लिया.
1950- इंडोनेशिया ने संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता ग्रहण की.
1959 - जापान के इतिहास में सबसे शक्तिशाली तूफान ‘वेरा’ से 4580 लोगों की मौत और 16 लाख लोग बेघर हुए.
1960 - अमेरिका में राष्ट्रपति पद के दो उम्मीदवारों जॉन एफ केनेडी और रिचर्ड निक्सन के बीच बहस का पहली बार टेलीविज़न पर प्रसारण.
1984 - यूनाइटेड किंगडम हांगकांग को चीन के हवाले करने के लिए सहमत हुआ.

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