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Harivansh Rai Bachchan: 3 भाषा में की पढ़ाई, दो शादी और...मधुशाला, पढ़ें हरियवंश राय बच्चन से जुड़ी बातें

Harivansh Rai Bachchan Birth Anniversary 2022: हिंदी फिल्म सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन की आज जयंती है. प्रसिद्ध लेखक और कवि हरिवंश राय बच्चन का जन्म 27 नवंबर 1907 को यूपी के प्रतापगढ़ जिले के बाबूपट्टी गांव में एक अवधी हिन्दू परिवार में हुआ था.

अम‍िताभ बच्चन साथ में हर‍िवंश राय बच्चन की तस्वीर अम‍िताभ बच्चन साथ में हर‍िवंश राय बच्चन की तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:42 AM IST

Harivansh Rai Bachchan Birth Anniversary 2022: हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध लेखक, कवि और शिक्षक हरिवंश राय बच्चन (Harivansh Rai Bachchan) की आज 115वीं जयंती है. उनका जन्म 27 नवंबर 1907 को यूपी के प्रतापगढ़ जिले के बाबूपट्टी गांव में एक अवधी हिन्दू परिवार में हुआ था. उनकी कविताएं आज भी लोगों को हिंदी साहित्य की ओर खींचती हैं. जिनमें सबसे ज्यादा लोकप्रियता 'मधुशाला' है. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी जरूरी बातें और उपलब्धियां.

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1. हरिवंश राय बच्चन के पिता का नाम प्रताप नारायण श्रीवास्तव और माता का नाम सरस्वती देवी था.
2. उन्होंने हिंदी के अलावा अन्य भाषाओं में पढ़ाई की और वो हिंदी के जाने माने कवि बने. उन्होंने कायस्थ पाठशाला में पहले उर्दू की पढ़ाई की. 
3. प्रयाग विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में मास्टर डिग्री प्राप्त की थी.
4. इंग्लैंड की प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य के विख्यात कवि डब्लू बी यीट्स की कविताओं पर शोध करते हूए पीएचडी की.
5. कई सालों तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर रहे.
6. इलाहाबाद आकाशवाणी में भी काम किया था.
7. उन्होंने भारत सरकार में हिंदी विशेषज्ञ के तौर पर भी काम किया था.
8. हरिवंश राय बच्चन की शादी साल 1926 में श्यामा बच्चन से हुई थी लेकिन उनका निधन 1936 में हो गया था.
9. 1941 में उन्होंने तेजी से प्रयागराज की जिला अदालत में शादी की थी.
10. हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के दो बेटे हैं- अमिताभ बच्चन और अजिताभ बच्चन.

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पुरस्कार

  • उन्हें 'दो चट्टाने' को लेकर हिंदी कविता के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार और एफ्रो एशियाई सम्मेलन के कमल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया.
  • बिड़ला फाउंडेशन ने उनकी आत्मकथा के लिए उन्हें सरस्वती सम्मान मिला.
  • भारत सरकार ने साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया.

प्रमुख कृतियां
मधुशाला उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक है. इसके अलावा इन प्रमुख कृतियों में मधुबाला, मधुकलश, मिलन यामिनी, प्रणय पत्रिका, निशा निमंत्रण, दो चट्टानें आदि शामिल हैं. कविताओं में तेरा हार, एकांत संगीत, आकुल अंतर, सतरंगिनी, हलाहल, बंगाल का काल, सूत की माला, खादी के फूल, प्रणय पत्रिका आदि शामिल है. साथ ही अग्निपथ, क्या है मेरी बोरी में, नीड का निर्माण, गीत मेरे आदि रचनाएं भी काफी लोकप्रिय हुई.

 

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