
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है. चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. लेकिन, इस बार चुनाव अलग है, क्योंकि चुनावी जंग में कुछ पार्टियां ऐसी हैं, जिनके नाम एक दूसरे से मिलते जुलते हैं. ये पार्टियां एक पार्टी के टुकड़े होने के बाद बनी हैं, जिसमें शिवसेना, एनसीपी का नाम शामिल है.
ऐसे में चुनाव पहले आपको समझाते हैं कि आखिर महाराष्ट्र चुनाव में कितनी शिवसेना, एनसीपी चुनाव लड़ रही हैं और उनके चुनाव चिह्न की क्या कहानी है... साथ ही जानते हैं किस पार्टी का कौन नेतृत्व कर रहा है और कौनसी पार्टी किस गठबंधन में है...
कब है चुनाव?
महाराष्ट्र में कुल 288 सीटों पर चुनाव होना है और पूरे प्रदेश में एक ही फेज में चुनाव होंगे. प्रदेश में 20 नवंबर को वोटिंग होनी है और 23 नवंबर को काउंटिंग होगी. आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म होने वाला है.
कितने गठबंधन हैं?
महाराष्ट्र चुनाव में इस बार दो प्रमुख गठबंधन के बीच टक्कर देखने को मिल रही है, जिसमें महायुति और महाविकास अघाड़ी का नाम शामिल है. महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना (शिंदे), एनसीपी (अजित पवार), बीवीए, पीजेपी, आरएसपी, पीडब्ल्यूपीआई, जेएसएस पार्टियां शामिल हैं. इसमें प्रमुख नेता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार को माना जा रहा है. अभी प्रदेश में महायुति की सरकार है, जिसमें बीजेपी के 103, शिवसेना (शिंदे) के 40 और एनसीपी (अजित पवार) के 40 और बहुजन विकास अघाड़ी के तीन विधायक हैं.
इसके अलावा दूसरा गठबंधन महाविकास अघाड़ी दल है, जिसमें कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (उद्धव ठाकरे), माकपा, एसडब्ल्यूपी पार्टियां शामिल हैं. इस गठबंधन के प्रमुख नेताओं में शरद पवार, उद्धव ठाकरे आदि शामिल हैं. अभी महाविकास अघाड़ी विपक्ष में है, जिसमें कांग्रेस के 43, शिवसेना (यूबीटी) के 15 और एनसीपी (शरद पवार) के 13 विधायक हैं.
कौन-कौन सी पार्टियां हैं?
शिवसेना (शिंदे)- महाराष्ट्र में पहले एक ही शिवसेना हुआ करती थी, जो अब दो भागों में बंट गई है. पहले शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण था. लेकिन, बाद में पार्टी के दो फाड़ हो गए और इससे दो पार्टी बन गई. एक पार्टी एकनाथ शिंदे के गुट की बन गई और भारत निर्वाचन आयोग से पार्टी को नाम 'शिवसेना' मिला और इसका चिह्न धनुष बाण है. चुनाव आयोग के इस फैसले से शिंदे गुट की पार्टी को बाला साहेब ठाकरे द्वारा स्थापित मूल पार्टी के तौर पर मान्यता मिली. इसे शिवसेना के नाम से जाना जाता है.
शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे)- जब शिवसेना को दो पार्टी में विभाजित किया गया, उसमें एक गुट उद्धव ठाकरे का था. शिवसेना से अलग बनी इस पार्टी में चुनाव आयोग ने उद्धव गुट को मशाल चुनाव चिह्न आवंटित किया. इसके अलावा पार्टी का नाम 'शिवसेना उद्धव बाला साहब ठाकरे' रखने मंजूरी दी. उद्धव गुट ने 2024 लोकसभा चुनाव इसी नाम और चिह्न के साथ लड़ा था.
एनसीपी (अजित पवार)- शिवसेना की तरह एनसीपी के साथ भी ऐसा ही हुआ. दरअसल, पिछले साल साल जुलाई में, शरद पवार के नेतृत्व की शिकायत करते हुए अजित पवार ने अधिकांश विधायकों के साथ गठबंधन तोड़ लिया था और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली भाजपा-शिवसेना सरकार का समर्थन किया था.
इसके बाद महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को ही असली एनसीपी माना था. इसके बाद से अजित पवार के गुट को एनसीपी माना गया. इसके बाद चुनाव सिंबल पर हुआ लड़ाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिन्ह घड़ी अजित पवार के पास ही रहेगा.
ऐसे में एनसीपी का चुनाव चिह्न घड़ी है और इसका नेतृत्व अजित पवार कर रहे हैं. एनसीपी का चुनाव चिन्ह एनालॉग अलार्म घड़ी है. घड़ी नीले रंग से बनी है और इसमें दो पैर और एक अलार्म बटन है. यह तिरंगे वाले भारतीय झंडे पर स्थित है.
एनसीपी (शरद पवार)- एनसीपी के हुए अलग अलग हिस्सों में एक गुट शरद पवार का है, जिनकी अब नई पार्टी बन गई है. शरद पवार के गुट की पार्टी को 'राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार' कहा जाता है और इसका चुनाव चिह्न तुरहा फूंकता हुआ आदमी है.
बीजेपी और कांग्रेस- इन चार पार्टियों के अलावा प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस अहम भूमिका में है. इसमें बीजेपी महायुति में है और कांग्रेस महाविकासी अघाड़ी का हिस्सा है.
अन्य पार्टियां- इसके अलावा कई तरह की पार्टियां चुनावी मैदान में हैं, जो अकेले और गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में है.