
मध्यप्रदेश के पन्ना से एक खबर आई है कि वहां एक मजदूर को खनन में एक हीरा मिला है. हीरे की कीमत 80 लाख बताई जा रही है और नीलामी में इसके रेट और भी ज्यादा मिल सकते हैं. खास बात ये है कि जहां हीरा मिला है, उस जगह खुदाई का पट्टा इस मजदूर के पास ही था और उसने दो महीने ही ये खदान लगाई थी.
जी हां, हीरों की नगरी पन्ना में हीरे की खदान लेनी है तो इसका पट्टा आपको सिर्फ 200 रुपये में ही मिल जाता है. आप 200 रुपये देकर खुदाई कर सकते हैं. साथ ही यहां बेशकीमती हीरे निकलना काफी आम है और अक्सर यहां हीरे निकलते हैं और लोग रातोंरात करोड़पति बन जाते हैं.
आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर 200 रुपये में कैसे हीरे की खदान का पट्टा मिल सकता है, तो आपको बताते हैं कि आखिर ये कैसे संभव है. साथ ही आपको पूरा प्रोसेस बताते हैं कि पन्ना में किस तरह से हीरा की खदान का पट्टा लिया जाता है और हीरा निकलने के बाद उस पर किसका हक होता है और कितनी कमाई होती है.
क्या है मजदूर की कहानी?
पन्ना में किस्मत जिस मजदूर की खुली है, उसका नाम राजू गोंड है. राज गोंड के पिता चुनवादा गोड ने हीरा कार्यालय से दो महीने पहले ही पट्टा लिया था. वैसे राजू ट्रैक्टर ड्राइवर हैं और साथ ही में खदान का काम भी करते हैं. अब राजू को खुदाई में चमचमाता हुआ जेम्स क्वालिटी का हीरा मिला है, जिसकी कीमत 80 लाख रुपये है और नीलामी में ज्यादा दाम भी मिल सकते हैं. उनका हीरे का पट्टा कृष्णा कल्याणपुर पट्टी क्षेत्र में है. ये 19 कैरेट 22 सेंट का बड़ा हीरा है.
कितने में मिलता है हीरा खनन पट्टा?
हीरा अधिकारी कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पन्ना में हीरा ढूंढने के लिए को भी व्यक्ति खुदाई कर सकती है और इसके लिए एक पट्टा लेना होता है. ये पट्टा हीरा कार्यालय से लिया जाता है, जो पन्ना में है. ये पट्टा फोटो, आधार कार्ड और दो सो रुपये की फीस जमा करवाकर मिलता है. ये एक साल के लिए मिलता है और उसके बाद फिर पट्टा लेना होता है.
फिर कैसे ढूंढ सकते हैं हीरा?
हीरा ढूंढने के लिए ऑफिस की ओर से 8 गुणा 8 मीटर की एक जगह अलॉट कर दी जाती है, जहां पर खुदाई की जा सकती है. यहां कई तरह की माइंस है, जिसमें सरकारी खदाने भी हैं. ये जमीन किसी व्यक्ति की भी हो सकती है और सरकार भी जमीन देती है. खास बात ये है कि इस पट्टे में खुदाई करने के बाद वापस उस जगह की जमीन में मिट्टी डालनी होती है और अगर हीरा निकालता है तो सिर्फ हीरा ही निकाल सकते हैं और बाकी मिट्टी फिर से वहां ही गड्ढे में डालनी होती है.
हीरा निकल जाए तो कैसे बिकता है?
अगर मान लीजिए किसी की खदान में हीरा निकल जाता है, उस हीरे को पन्ना संयुक्त कलेक्ट्रेट स्थित हीरा कार्यालय में जमा करवाना होता है और उसके बाद उसका वजन करके जमा करवा दिया जाता है. इसके बाद सरकार कुछ कुछ समय बाद नीलामी करवाती है, जिसमें हीरे बेचे जाते हैं. नीलामी के लिए 5000 रुपये की फीस लगती है. इसके बाद हीरा बिकने के बाद नीलामी से जो राशि आती है, उसमें से करीब 12 प्रतिशत रॉयल्टी काट कर शेष 80 प्रतिशत राशि हीरा धारक पट्टेदार के खाते में हीरा अधिकारी हस्तांतरित कर देता है.
पन्ना में कितने हीरे मिलते हैं?
पन्ना के 80 किलोमीटर के क्षेत्र में कई माइंस हैं, यहां व्हाइट, ऑफ कलर और कोकाकोला कलर के हीरे मिलते हैं. ऑफ कलर को मैला भी कहा जाता है और उनके आधार पर ही नीलामी की जाती है.यहां अक्सर लोगों को खदान में हीरे मिलते हैं और कई बार 2-3 करोड़ के भी हीरे मिल चुके हैं.