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जब गोलीबारी और धमाकों से दहल उठा फ्रांस, दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पहली बार मची थी ऐसी तबाही

आज की कहानी फ्रांस की उस घटना से जुड़ी है, जिसे याद कर आज भी वहां के लोग सिहर उठते हैं. आतंकियों ने अलग-अलग जगह एक साथ हमलाकर सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था.

आज ही हुआ था पेरिस पर आतंकी हमला (फोटो - Getty) आज ही हुआ था पेरिस पर आतंकी हमला (फोटो - Getty)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:43 AM IST

13 नवंबर 2015 को इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट के एक समूह ने पेरिस में कई आतंकवादी हमले किए. इसमें 131 लोग मारे गए थे और 400 से अधिक लोग घायल हो गए थे.  यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से फ्रांस में सबसे विध्वंसक दिन था. साथ ही यह आईएसआईएल का यूरोप में अब तक किया गया सबसे घातक ऑपरेशन भी था.

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2015 में फ्रांस और अन्य जगहों पर कई बड़े आतंकवादी हमले हुए.  जनवरी में अल-कायदा के शहर भर में पांच अलग-अलग हमले किए थे. इनमें से सबसे घातक हमला समाचार पत्र शार्ली हेब्दो के दफ्तर में हुआ. बाद के महीनों में आतंकवादियों ने नीस में एक यहूदी सामुदायिक केंद्र पर हमला किया. अगस्त में यात्रियों ने जिहादी को पहचान लिया और एम्स्टर्डम से पेरिस जाने वाली ट्रेन पर गोलीबारी करने से रोका.  31 अक्टूबर को ISIL ने सेंट पीटर्सबर्ग के रास्ते में मेट्रोजेट फ़्लाइट पर बमबारी की ज़िम्मेदारी ली, जिसमें 224 लोग मारे गए.

एक साथ कई जगह हुए थे धमाके
13 नवंबर के हमलों की शुरुआत स्टेड डी फ्रांस के बाहर आत्मघाती बम विस्फोटों की एक श्रृंखला से हुई, जहां फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम जर्मनी के साथ खेल रही थी. इसमें राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी मौजूद थे. एक व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन आगे का खून-खराबा टल गया. क्योंकि हमलावर स्टेडियम में घुसने में विफल रहे.

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सिलसिलेवार धमाकों से दहल उठा था पेरिस
स्टेडियम पर हमले के तुरंत बाद शहर में जगह-जगह सिलसिलेवार ढंग से गोलीबारी और विस्फोटों को अंजाम दिया गया.  इसके साथ शहर के बीच में स्थित एक रेस्टोरेंट में  बम विस्फोट हुआ. अंत में रॉक कॉन्सर्ट के बीच बैटाक्लान थिएटर में आतंकियों ने लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर कईयों को मौत के घाट उतार दिया. साथ ही कई लोगों बंधक बना लिया.  दो घंटे से अधिक समय के बाद, फ्रांसीसी पुलिस ने थिएटर पर धावा बोला. जिसके परिणामस्वरूप तीन हमलावर मारे गए।

फ्रांस में सरकार ने कर दी थी इमरजेंसी की घोषणा
फ्रांस में सरकार ने आपातकाल की घोषणा की और ISIL के खिलाफ बमबारी शुरू कर दी गई. 18 नवंबर को उस पूरे इलाके में पुलिस ने छापेमारी शुरू की. एक हमले के कथित मास्टरमाइंड अब्देलहामिद अबाउद की मौत हो गई. अबाउद के पास बेल्जियम और मोरक्को की दोहरी नागरिकता थी, जबकि पेरिस के नौ हमलावरों में से सात या तो बेल्जियम के थे या फिर फ्रांसीसी.

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अपराधियों के ISIL के ब्रसेल्स सेल से संबंध थे. जिसने अगले मार्च में बेल्जियम की राजधानी में आत्मघाती बम विस्फोटों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया. इसके साथ ही  यूरोप में कई हमलों को कोऑर्डिनेट किया.  हालांकि, 2016 और 2017 के दौरान पूरे फ्रांस में ISIL ने कई छोटी-बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया. 

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प्रमुख घटनाएं 

13 नवंबर 1968 को  पाकिस्तान में जुल्फिकार अली भुट्टो को गिरफ्तार किया गया.
13 नवंबर 1971 को अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान नासा द्वारा भेजा गया यान मरीनर 9 मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंचा.

13 नवंबर 1975 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एशिया के चेचक मुक्त होने की घोषणा की

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