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5 नवंबर: पर्ल हार्बर पर बमबारी का आज ही मिला था आदेश, 1 महीने बाद हुआ हमला

आज का दिन इतिहास की एक ऐसी विध्वंसक घटना से ताल्लुक रखता है, जिसे आज भी याद कर लोग सिहर जाते हैं. यह घटना थी दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पर्ल हार्बर पर हमले की. इसके बाद ही इस महायुद्ध ने अपना विनाशक रूप अख्तियार कर लिया था. जानते हैं आखिर आज के दिन ऐसा क्या हुआ था.

जब मिला था पर्ल हार्बर पर हमले का आदेश जब मिला था पर्ल हार्बर पर हमले का आदेश
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:29 AM IST

आज 5 नवंबर है. आज के दिन  1941 को जपान ने अपने सबसे बड़े समुद्री बेड़े को एक गुप्त संदेश दिया था. इस संदेश में पर्ल हार्बर पर बमबारी किये जाने का आदेश था. इस आदेश को एक महीने बाद अमल में लाना था. 5 नवंबर 1941 को संयुक्त जापानी बेड़े को जो गुप्त आदेश मिला था उसमें  एक महीने से कुछ अधिक समय में, पर्ल हार्बर पर बमबारी के साथ ही मलाया (जिसे अब मलेशिया के नाम से जाना जाता है), डच ईस्ट इंडीज और फिलीपींस पर भी बमबारी की जानी थी.

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कहा जाता है कि 1940 में जापान द्वारा इंडोचीन पर कब्ज़ा करने और मनीला से लगभग 800 मील दूर कैम रान्ह नौसैनिक अड्डे पर कब्ज़ा करने के साथ फिलीपींस (एक अमेरिकी संरक्षित राज्य) को धमकी देने के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान के बीच संबंध तेजी से बिगड़ रहे थे. इसके परिणाम स्वरूप  अमेरिका ने भी  जवाबी कार्रवाई की. 

जापानी शिपिंग के लिए अमेरिका ने पनामा नहर कर दिया था बंद
अमेरिका में सभी जापानी संपत्तियों को जब्त कर लिया गया. इसमें जापानी शिपिंग के लिए पनामा नहर को बंद करना शामिल था.  सितंबर 1941 में अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल द्वारा तैयार एक बयान जारी किया. इसमें दक्षिण पूर्व एशिया या दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में जापान द्वारा किसी भी क्षेत्र पर अतिक्रमण करने पर संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान के बीच युद्ध की धमकी दी गई थी.

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जापान और अमेरिका में कई दौर की हुई थी बातें
जापानी सेना ने लंबे समय तक जापानी विदेश मामलों पर अपना दबदबा बनाए रखा था. हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री और उनके जापानी समकक्ष के बीच तनाव कम करने के लिए आधिकारिक बातचीत चल रही थी, युद्ध मंत्री हिदेकी तोजो , जो जल्द ही प्रधानमंत्री बनने वाले थे, का कब्जा किए गए क्षेत्रों से हटने का कोई इरादा नहीं था. 

जापान ने अमेरिका की धमकी को अल्टीमेटम समझ शुरू कर दी युद्ध की तैयारी
तोजो ने युद्ध की अमेरिकी धमकी को एक अल्टीमेटम के रूप में समझा और जापानी-अमेरिकी टकराव में वो पहला झटका देने के लिए तैयार हो गए. इसी का नतीजा था पर्ल हार्बर पर बमबारी और इसकी तैयारी एक महीने पहले कर ली गई थी, इसको लेकर 5 नवंबर को ही समुद्र में तैनात जपानी बेड़े को ताकीद कर दिया गया था. 

और फिर 7 दिसंबर को हुआ था विध्वंसक हमला
टोक्यो ने सभी संबंधित फ्लीट कमांडरों को आदेश दिया कि न केवल संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके संरक्षित फिलीपींस पर बल्कि प्रशांत महासागर क्षेत्र में ब्रिटिश और डच उपनिवेशों पर भी हमला किया जाए. इसी के परिणाम स्वरूप 5 नवंबर को संदेश मिलने के एक महीने बाद 7 दिसंबर 1941 को पर्ल हार्बर पर बमबारी की गई.

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प्रमुख घटनाएं 

5 नवंबर, 1556 को पानीपत के दूसरे युद्ध में मुग़ल शासक अकबर ने हेमू को हराया था. 

5 नवंबर, 1630 को स्पेन और इंग्लैंड के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे. 

5 नवंबर, 1639 को मैसाचुसेट्स में पहले डाकघर की स्थापना हुई थी. 

5 नवंबर को गाइ फ़ॉक्स दिवस मनाया जाता है. यह ब्रिटिश उत्सव है, जो 1605 के गनपाउडर प्लॉट की विफलता की याद दिलाता है. 

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