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Neela Kedar Gokhale: अनगिनत सैन्य अधिकारियों के अधिकार और न्याय की लड़ाई अदालतों में लड़कर उनको जीत दिला चुकी सीनियर एडवोकेट 'नीला केदार गोखले' अब अपनी नई पारी बॉम्बे हाईकोर्ट में जज के तौर पर शुरू कर रही हैं. न्यायमूर्ति नीला केदार गोखले आज (सोमवार), 30 जनवरी 2023 को उसी बॉम्बे हाईकोर्ट में जज के पद ले रही हैं जहां उन्होंने वर्षों तक कई अहम मुकदमों की पैरवी भी की है.
कौन हैं नीला केदार गोखले?
महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी मानी जाने वाली पुणे में जन्मी और यहीं से कानून की स्नातक उपाधि लेने वाली नीला गोखले ने अपने वकालत के करियर में सैन्य अधिकारियों के लिए अनगिनत मुकदमे लड़े और जीते. इनमें से कई तो अदालत में मील के पत्थर माने जाने वाले फैसले बने. वह विधि और न्याय शास्त्र में अपने रीसर्च से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल कर चुकी हैं.
बड़े मुकदमों में रही हैं शामिल
गोखले अब तक कर्नल प्रसाद पुरोहित, लेफ्टिनेंट कर्नल पीके चौधरी, कर्नल रजनीश भंडारी, लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील कुमार और कर्नल टीवाईएस बेदी सहित कई सैन्य अधिकारियों के मुकदमों की पैरवी कर चुकी हैं. इनके अलावा क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई, भारत सरकार बनाम बबीता पूनिया, केंद्रीय गांधी स्मारक निधि और महाराष्ट्र की गांधी स्मारक निधि के बीच की कानूनी लड़ाई में भी अपने मुवक्किल का जोरदार पक्ष रख चुकी हैं.
यहां भी दी हैं सेवाएं
नीला केदार गोखले राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सलाहकार भी रह चुकी हैं. समाज के लगभग हर एक क्षेत्र मसलन पिछड़े वर्ग, महिलाओं और खास कर सैन्य अधिकारियों के अधिकार और न्याय के लिए नीला गोखले ने खास दिलचस्पी दिखाई.
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने उनके इन्हीं गुणों और विधि व न्याय शास्त्र के प्रति अलग नजरिए और दृष्टिकोण की वजह से बॉम्बे हाईकोर्ट के तौर पर उनके नाम की सिफारिश की. सरकार ने भी कोलेजियम का ये प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने उनकी नियुक्ति पर मुहर लगा दी. उन्होंने आज ही अपना नया पद संभाला है.