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World Food Day 2022: दुनियाभर में करोड़ों लोग एक वक्त का खाना जुटाने में कड़ी जद्दोजहद करते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में एक दिन में 19 हजार 700 लोग खाना न मिलने की वजह से जान गवां देते हैं. जबकि बहुत से लोग कुपोषित भोजन खाने को मजबूर हैं. हर साल 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिन सिर्फ खान-पान का दिन नहीं है बल्कि इस दिन सभी से अपील की जाती है कि भुखमरी मिटाने के लिए वो कदम आगे बढ़ाएं.
स्वस्थ जीवन के लिए पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना बहुत जरूरी है. सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक हमें अपनी हेल्दी डाइट पर ध्यान देना चाहिए वरना हम कमजोरी और कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. इसके अलावा भुखमरी भी कई देशों में एक बड़ी समस्या है. इस दिन भुखमरी से बचने के उपायों को लेकर लोगों को जागरूरक किया जाता है. ताकि इससे उन लोगों की मदद की जा सके, जिन्हें एक वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता. साथ ही भुखमरी को इस दुनिया से मिटाया जा सके.
भुखमरी के मामले में 107वें स्थान पर भारत
इस बार भारत ने अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया है लेकिन आजादी के इतने साल बाद भी भुखमरी ने भारत को जकड़ा हुआ है. भारत को उन 31 देशों की लिस्ट में रखा गया था जहां भूखमरी की समस्या गंभीर मानी गई थी. हंगर इंडेक्स में भारत से आगे पाकिस्तान और नेपाल जैसे देश हैं. आयरलैंड और जर्मनी के गैर-सरकारी संगठनों द्वारा जारी ग्लोबल हंगर रिपोर्ट 2022 में 121 देशों में भारत को 107वें स्थान पर रखा है. वहीं पाकिस्तान 99वें, नेपाल 81वें, बांग्लादेश 84वें और अफगानिस्तान 109वें नंबर पर है. पिछले साल भारत 116 देशों की सूची में 101वें स्थान पर रहा था.
वर्ल्ड फूड डे का इतिहास
पोषण युक्त खाने की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और कुपोषण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए साल 1945 में 16 अक्टूबर को यूनाइटेड नेशन फूड एंड एग्रीकल्चर ऑरगेनाइजेशन की स्थापना हुई थी. इसी दिन को वर्ल्ड फूड डे के तौर पर मनाया जाता है. इसका मकसद वर्ल्ड हंगर को ध्यान में रखते हुए दुनियाभर से भुखमरी मिटाना है. इस दिन को मनाने का प्रस्ताव हंगरी के पूर्व कृषि और खाद्य मंत्री डॉ पाल रोमानी ने रखा था. आज के समय में भी दुनियाभर के देश भुखमरी से जंग लड़ रहे हैं. इनमें से 150 देश फूड डे पर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं.
भुखमरी के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ आहार के प्रति जागरुक करना
इसका उद्देशय लोगों को स्वस्थ आहार, हेल्दी डाइट के प्रति जागरूक करना भी है. पिछले कुछ सालों में अच्छे खान-पान को लेकर लोग काफी जागरूक हुए है लेकिन कहीं ना कहीं अभी भी लोग हेल्दी या अनहेल्दी खान-पान की ओर ध्यान नहीं देते हैं. ये दिन हेल्दी फूड को चुनने की ओर लोगों को अवेयर करने का एक अवसर है. हर साल इस दिन की अलग थीम रखी जाती है. साल 2022 की थीम का उद्देश्य है कि हर किसी को नियमित और पौष्टिक भोजन पहुंच सके. इसलिए इस साल की थीम का नाम 'leave No One Behind' रखा गया है.
साल 2022 की थीम- 'Leave no one Behind'
2022 की थीम को लेकर एफएओ (Food and Agriculture Organization of the United Nations) ने कहा कि दुनियाभर में कई लोग विकास और बेहतर निर्माण कर रहे हैं, लेकिन बहुत से लोग पीछे छूट गए हैं. एफएओ ने यह भी कहा कि दुनिया भर में लाखों लोग स्वस्थ आहार का खर्च नहीं उठा सकते हैं, जिससे उन्हें खाद्य असुरक्षा और कुपोषित कर दिया है.