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Happy Teachers Day 2023: दुनियाभर में 5 अक्टूबर ही क्यों मनाया जाता है विश्व शिक्षक दिवस? पढ़ें इसके पीछे की कहानी

World Teachers Day 2023: भारत में जहां शिक्षक दिवस हर साल 05 सितंबर को मनाया जाता है, वहीं पूरी दुनिया में इस खास दिन को 05 अक्टूबर को सेलिब्रेट किया जाता है. इस दिन की शुरुआत साल 1994 में हुई थी.

World Teachers' Day 2023 (फोटो सोर्स: freepik.com) World Teachers' Day 2023 (फोटो सोर्स: freepik.com)
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली,
  • 05 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 7:28 AM IST

World Teachers Day 2023: गुरु का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व होता है, जो एक इंसान को अज्ञान से ज्ञान की ओर लेकर जाता है. हर साल गुरु को सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस (Teacher's Day) मनाया जाता है. हर साल 05 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है. हालांकि भारत में शिक्षक दिवस इससे एक महीने पहले यानी डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 05 सितंबर को मनाया जाता है.

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05 अक्टूब को ही क्यों मनाया जाता है विश्व शिक्षक दिवस?
दरअसल, 1966 में आईएलओ/यूनेस्को ने शिक्षकों के अधिकारों, जिम्मेदारियों, भर्ती, रोजगार, सिखाने और सीखने की कंडिशन को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड टीचर्स डे मनाने की शिफारिश की थी. हालांकि इसे मान्यता मिलने में लगभग 28 साल लग गए.

यह यूनेस्को द्वारा पेरिस में आयोजित इंटर-गर्वनमेंटल सम्मेलन का एक हिस्सा था, जिसने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सहयोग से शिक्षकों की स्थिति को देखते हुए 05 अक्टूबर 1994 को विश्व शिक्षक दिवस को मान्यता दी थी. इसलिए हर साल 05 अक्टूबर को यह दिन मनाया जाता है. पहला विश्व शिक्षक दिवस 05 अक्टूबर 1994 को मनाया गया था.

वर्ल्ड टीचर्स डे 2023 थीम
इस साल विश्व शिक्षक दिवस की थीम दुनियाभर में शिक्षकों की संख्या में गिरावट को रोकने और फिर से संख्या बढ़ाने के लिए जोर देती है. यूनेस्को के अनुसार, इस साल की थी "हमें जो शिक्षा चाहिए उसके लिए शिक्षकों की आवश्यकता है: शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए वैश्विक अनिवार्यता." है.

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यूनेस्को ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, 2023 में इस यह खास दिन मनाने का उद्देश्य शिक्षकों की संख्या में गिरावट को रोकने और फिर उस संख्या को बढ़ाना शुरू करने के महत्व को वैश्विक एजेंडे में सबसे ऊपर रखना होगा. विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से, वे एक प्रतिष्ठित और मूल्यवान शिक्षण पेशे की वकालत करेंगे, उनकी चुनौतियों का विश्लेषण करेंगे और शिक्षकों को आकर्षित करने, बनाए रखने और प्रेरित करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे. इस पहल में उन तरीकों को भी ध्यान रखा जाएगा जिनसे एजुकेशन सिस्टम, सोसाइटी, कम्युनिटी और परिवार शिक्षकों को पहचानते हैं, उनकी सराहना करते हैं और सक्रिय रूप से उनका समर्थन करते हैं."

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