कोरोना के बढ़ते संकट को देखते हुए पंजाब में 10वीं-12वीं की परीक्षाएं एक महीने आगे बढ़ा दी गई हैं. पंजाब की तर्ज पर ही गुजरात और महाराष्ट्र में भी कोरोना का गंभीर संकट मंडरा रहा है. इन राज्यों के कई जिलों में लॉकडाउन की स्थिति हो गई है. यहां नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है. अब देखना यह है कि दूसरे राज्य बोर्ड एग्जाम को लेकर क्या फैसला करते हैं.
सिर्फ पंजाब ही नहीं गुजरात में भी कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए सरकार ने चार शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. गुजरात सरकार की ओर से मंगलवार को जारी गाइडलाइन के मुताबिक, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में 17 मार्च से 31 मार्च तक हर रोज रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा. अगर कोरोना का असर जल्द कम नहीं हुआ तो बोर्ड परीक्षाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है.
गुजरात बोर्ड द्वारा जारी जीएसईबी डेटशीट 2021 के अनुसार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 10 मई 2021 से किया जाएगा. बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट, gseb.org पर डेटशीट जारी कर दी गई है, लेकिन राज्य में जिस तरह कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में सरकार बोर्ड परीक्षाओं की डेट यहां भी आगे बढ़ा सकती है.
बता दें कि गुजरात में सूरत के स्कूलों में छात्र-छात्राओं में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. राज्य सरकार तेजी से स्कूलों में कोरोना जांच कराने में जुटी है जिसके आंकड़े खतरनाक हैं. 28 स्कूलों के 1613 बच्चों की जांच में 85 छात्र संक्रमित पाए गए हैं. जिन स्कूलों में 5 से ज्यादा छात्र संक्रमित पाए गए हैं उन्हें तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है. राज्य में हर दिन 700 से भी ज्यादा नये केस सामने आ रहे हैं.
शुक्रवार 12 मार्च को पंजाब सरकार ने भी आठ जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाया और सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में प्रेपरेट्री लीव घोषित कर दी. राज्य शिक्षामंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि कोरोना संक्रमण के देखते हुए स्कूल बच्चों के लिए बंद किए जा रहे हैं, मगर टीचर्स स्कूल में उपस्थित रहेंगे. जो छात्र परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी मदद चाहते हैं, वे स्कूल आ सकते हैं.
सबसे पहले महाराष्ट्र में वायरस के मामले बढ़ने के बाद मुंबई और पुणे के स्कूल बंद किए गए थे जिसके बाद अन्य राज्यों ने भी स्कूल खोलने का अपना फैसला वापस लेना शुरू कर दिया है. बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के चलते स्कूल खोले जा रहे थे मगर कोरोना के कारण फिर स्कूलों में ताले पड़ रहे हैं. देशभर में बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल- मई में ही शुरू होनी हैं जो ऑफलाइन ही आयोजित की जाएंगी. बढ़ते संक्रमण के बीच परीक्षाएं कराना सभी स्टेट बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती बनने वाला है.
बता दें कि कोरोना के लगातार बढ़ते केसों को देखते हुए पेरेंट्स भी डरे हुए हैं. एक तरफ कई राज्य सरकारों ने अपने राज्यों में स्कूल खोल दिए हैं, वहीं कुछ राज्यों में कोरोना के खतरे के बाद स्कूल-कॉलेजों को फिर से बंद किया जा रहा है. ऐसे में सीबीएसई बोर्ड के 4 मई से शुरू हो रहे एग्जाम्स पर भी इसका असर पड़ सकता है.