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एजुकेशन न्यूज़

Republic Day 2025 Jhankiyan: दिल्ली-UP समेत 16 राज्यों की झांकियों में क्या-क्या रहा खास? देखें तस्वीरें

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST
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Republic Day 2025 Jhankiyan: भारत आज अपना 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ (पहले राजपथ) पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने  26 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ से 76वें गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया.

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संविधान के लागू होने के 75 वर्ष और जनभागीदारी पर विशेष ध्यान देते हुए, इस साल का समारोह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, एकता, समानता, विकास और सैन्य कौशल का अनूठा मिश्रण होगा. इस साल इंडोनेशिया गणराज्य के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो मुख्य अतिथि रहे.

झांकियां
इस वर्ष परेड में 16 राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 10 मंत्रालयों/विभागों की झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने विकास और नई-नई तकनीकी को दर्शाते हुए का गर्व महसूस कराया. झांकियों ने ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ को उजागर किया. भाग लेने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों की जानकारी इस तरह है.

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दिल्ली
थीम: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
दिल्ली की झांकी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दर्शाया गया, जो शहर की प्राथमिकता और नवाचार को दर्शाती है.

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उत्तर प्रदेश
थीम: महाकुंभ 2025 - स्वर्णिम भारत विरासत और विकास
उत्तर प्रदेश की झांकी ने "महाकुंभ 2025" के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत और विकास को प्रदर्शित किया.

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गोवा
थीम: गोवा की सांस्कृतिक विरासत
गोवा की झांकी ने राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया. इसमें गोवा के लोकनृत्य, कला और संगीत की झलक दिखाई गई.

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चंडीगढ़
थीम: चंडीगढ़: विरासत, नवाचार और स्थिरता का सामंजस्यपूर्ण मिश्रण
चंडीगढ़ की झांकी में विरासत, नवाचार और स्थिरता का एक समरूप मिश्रण प्रस्तुत किया गया.
 

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आंध्र प्रदेश
थीम: एटिकोप्पका बोम्मलु- पर्यावरण-अनुकूल लकड़ी के खिलौने
आंध्र प्रदेश ने अपनी झांकी में एटिकोप्पाका के इको-फ्रेंडली लकड़ी के खिलौनों को प्रदर्शित किया, जो शिल्पकला और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक हैं.

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पंजाब 
थीम: पंजाब ज्ञान और बुद्धिमत्ता की भूमि है
पंजाब की झांकी में राज्य को "ज्ञान और बुद्धि की भूमि" के रूप में प्रस्तुत किया गया. इसमें पंजाब की शिक्षा और सांस्कृतिक परंपराओं पर ध्यान केंद्रित किया गया.

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पश्चिम बंगाल
थीम: 'लक्ष्मी भंडार' और 'लोक प्रसार प्रकल्प' - बंगाल में जीवन को सशक्त बनाना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना
पश्चिम बंगाल की झांकी "लक्ष्मी भंडार" और "लोक प्रसार प्रकल्प" पर आधारित थी, जो आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है.

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बिहार
थीम: स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास (नालंदा विश्वविद्यालय)
बिहार की झांकी ने "स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास" की थीम के अंतर्गत नालंदा विश्वविद्यालय की महिमा को प्रदर्शित किया.

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त्रिपुरा
थीम: अनन्त श्रद्धा: त्रिपुरा में 14 देवताओं की पूजा - खर्ची पूजा
त्रिपुरा की झांकी में "खारची पूजा" के माध्यम से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित किया गया.

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कर्नाटक
थीम: लक्कुंडी: पत्थर शिल्प का उद्गम स्थल
कर्नाटक की झांकी में लक्कुंडी की पत्थर की शिल्पकला को दिखाया गया. यह राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को दर्शाती है.

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दादरा नगर हवेली और दमन एवं दीव
थीम: कुकरी मेमोरियल के साथ दमन एवियरी बर्ड पार्क- भारतीय नौसेना के बहादुर नाविकों को श्रद्धांजलि
इस झांकी में दमण के एवियरी बर्ड पार्क और कुक्रि मेमोरियल को दिखाया गया. यह भारतीय नौसेना के वीर नाविकों को श्रद्धांजलि थी.

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उत्तराखंड
थीम: उत्तराखंड: सांस्कृतिक विरासत और साहसिक खेल
उत्तराखंड की झांकी में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और रोमांचकारी खेलों को दिखाया गया. यह राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन को उजागर करती है.

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हरियाणा
थीम: भगवत गीता का प्रदर्शन
हरियाणा की झांकी में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा भगवद गीता के उपदेश का प्रदर्शन किया गया. यह राज्य के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं को प्रस्तुत करती है.

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झारखंड
थीम: स्वर्णिम झारखंड: विरासत और प्रगति की एक विरासत
झारखंड की झांकी ने "स्वर्णिम झारखंड" के तहत राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और विकास को दर्शाया.

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गुजरात
थीम: स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास
गुजरात की झांकी का शीर्षक "स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास" था, जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति और आधुनिक प्रगति को दिखाया गया.

मध्य प्रदेश
थीम:
मध्य प्रदेश की झांकी ने कुनो राष्ट्रीय उद्यान और वहां के चीते के संरक्षण को दिखाया. यह राज्य की जैव विविधता पर आधारित थी.

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