नीट परीक्षा में ओड़िशा के शोएब आफताब और उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह के 720 में 720 नंबर आए. नीट अफसरों ने टाई ब्रेकिंग नियम से शोएब को ऑल इंडिया टॉपर घोषित किया, जबकि आकांक्षा सेकेंड टॉपर बनीं. अब यूपी सरकार आकांक्षा सिंह को टॉपर घोषित करने की मांग कर रही है. सरकार ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ इसके लिए नीट अफसरों को भी लिखेंगे. बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर निवासी आकांक्षा को सम्मानित भी किया.
राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) में 100 फीसदी अंक हासिल करने वाली आकांक्षा सिंह की उच्च शिक्षा के लिए यूपी सरकार सभी खर्च उठाएगी. इसी घोषणा के साथ यूपी सरकार ने बुधवार को कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखेंगे और उनसे आकांक्षा को टॉपर के रूप में रैंक देने के लिए मांग करेंगे.
सीएम ने कहा कि आकांक्षा ने 720 में से 720 अंक हासिल करके अपने शहर कुशीनगर और पूरे उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित किया है. वो आज न केवल उसकी उम्र के छात्रों के लिए बल्कि हर लड़की के लिए एक आदर्श हैं. बता दें कि नीट परीक्षा 2020 में आकांक्षा सिंह ने 720 में से 720 अंक हासिल किए हैं. अब यूपी सरकार दोनों के सेम नंबर होने के चलते उन्हें संयुक्त टॉपर घोषित करने के लिए लिखेगी.
रैंक सेम है तो ऐसे सुलझती है टाई
यदि दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों को समान अंक प्राप्त होता है, तो जीव विज्ञान में उच्च अंकों के क्रम में टाई ब्रेकिंग किया जाता है. फिर भी यदि टाई बनी रहती है, तो रसायन विज्ञान में उच्च अंक टाई ब्रेकिंग के लिए माना जाता है. यदि समस्या फिर भी हल नहीं होती तो कम से कम नकारात्मक अंक वाले उम्मीदवारों को अधिक स्थान दिया जाता है. फिर भी यदि टाई हल नहीं होती तो उम्मीदवारों को उनकी उम्र के आधार पर रैंक किया जाता है, और पुराने उम्मीदवार को उच्च स्थान पर रखा जाता है. आकांक्षा और शोएब के मामले में भी यही नीति अपनाई गई. शोएब की उम्र आकांक्षा से ज्यादा होने के कारण उन्हें टॉपर घोषित किया गया.
देश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए हुई नीट परीक्षा (National Eligibility cum Entrance Test) के टॉपर ओडिशा के शोएब आफताब रहे हैं. शोएब का रिजल्ट 100 फीसदी रहा है और उन्हें 720 में 720 नंबर मिले हैं. हालांकि दिल्ली की आकांक्षा सिंह का भी रिजल्ट 100 परसेंट रहा और उन्हें भी 720 नंबर मिले पर वो नीट परीक्षा की टॉपर नहीं बन सकीं. आकांक्षा का ऑल इंडिया रैंक 2 है.
बता दें कि 16 अक्टूबर को नीट रिजल्ट जारी हुआ. इसमें राउरकेला ओडिशा के रहने वाले शोएब आफताब टॉपर हैं जो अपने परिवार में पहले डॉक्टर बन रहे हैं. उनके पिता शेख मोहम्मद अब्बास व्यवसायी और मां सुल्ताना रिजया गृहणी हैं. शोएब ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां की खास भूमिका बताई जो उनके लिए अपना शहर छोड़कर दूसरे शहर आईं.
NEET 2020 की परीक्षा 13 सितंबर, 2020 को आयोजित की गई थी जिसके नतीजे 16 अक्टूबर को घोषित हुए. कोविड -19 महामारी और लॉकडाउन के विस्तार के कारण कई बार देरी हुई. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष लगभग 14 लाख छात्र परीक्षा के लिए उपस्थित हुए. बता दें कि नीट परीक्षा के जरिये देश भर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिला मिलता है. इसमें ऑल इंडिया रैंकिंग के हिसाब से देश के टॉप मेडिकल संस्थानों में दाखिला मिलता है. इस बार कोरोना के चलते कंटेनमेंट जोन के परीक्षा केंद्र भी निरस्त कर दिए गए थे. स्वास्थ्य मंत्रालय की सभी गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए देश भर में ये परीक्षा आयोजित की गई थी.