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BJP की मांग- मध्य प्रदेश की तरह बिहार के स्कूल-कॉलेजों के सिलेबस में शामिल हो रामायण

बिहार सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री और बीजेपी नेता नीरज कुमार सिंह बबलू ने जोर देते हुए कहा है कि बिहार के स्कूलों और कॉलेजों में रामायण (Ramayana) को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए. ताकि नई पीढ़ी देश के इतिहास और संस्कारों के बारे में जान सकें.

Neeraj Bablu Singh, Minister of Environment & Forest Bihar Neeraj Bablu Singh, Minister of Environment & Forest Bihar
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 21 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST
  • रामायण को स्कूल-कॉलेज में पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग
  • मध्य प्रदेश सरकार पहले ही ले चुकी है ऐसा फैसला

Ramayana As Syllabus In Bihar's School and Colleges: मध्य प्रदेश में राम चरित्र मानस को स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के फैसले के बाद अब बिहार में भी बीजेपी ने रामायण के पाठ को स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग की है.

बिहार सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री और बीजेपी नेता नीरज कुमार सिंह बबलू ने जोर देते हुए कहा है कि बिहार के स्कूलों और कॉलेजों में रामायण को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए. जिससे नई पीढ़ी देश के इतिहास और संस्कारों के बारे में जान सकें.

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नीरज कुमार सिंह बबलू ने कहा कि “बिहार में भी रामायण के पाठ को पाठ्यक्रम में बिल्कुल शामिल किया जाना चाहिए. लोग धार्मिक ग्रंथ को पढ़ना चाहते हैं. ऐसे में अगर ये पाठ्यक्रम का हिस्सा हो जाता है तो इससे बच्चों को आसानी होगी. इसी बहाने बच्चे देश के इतिहास और संस्कार के बारे में जानेंगे.''

स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी नेता मंगल पांडे ने भी किया समर्थन

मंगल पांडे ने नीरज सिंह बबलू के इस मांग का समर्थन करते हुए कहा  कि इतिहास की जानकारी सबको होनी चाहिए. हर घर में रामायण और गीता रहता है. ये सब तो इस देश का इतिहास है. जितने लोग इतिहास की जानकारी रखें उतना अच्छा है. मैं शिक्षा मंत्री नहीं हूं मगर मैं मानता हूं कि देश की परंपरा और संस्कृति के बारे में सबको जानकारी होनी चाहिए.

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मंत्री नीरज कुमार सिंह और मंगल पांडे की तरफ से राम चरित्र मानस को बिहार के स्कूल और कॉलेजों में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की मांग उठी तो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जयसवाल ने भी इसका समर्थन किया.

डॉ. संजय जयसवाल का कहना है कि  “पाठ्यक्रम एक्सपर्ट लोगों के द्वारा तय किया जाता है मगर मेरा मानना है कि सभी को भारतीय संस्कृति से परिचित होना चाहिए. हमारे बच्चों को सभी चीजों के बारे में जानकारी होनी चाहिए.”

MP में इंजीनियरिंग के छात्रों के पाठ्यक्रम में राम चरित्र मानस किया गया है शामिल

बता दें कि पिछले दिनों मध्य प्रदेश इंजीनियरिंग के छात्रों के पाठ्यक्रम में राम चरित्र मानस और महाभारत को शामिल किया गया है. मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने 'आजतक' से बात करते हुए बताया था कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत कॉलेजों में 'रामचरितमानस का व्यावहारिक दर्शन' नाम से सिलेबस तैयार किया है. इस विषय का बकायदा 100 नंबर का पेपर भी रहेगा.

रामचरितमानस को वैकल्पिक तौर पर दर्शन शास्त्र विषय में रखा गया है. मंत्री मोहन यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति में 131 प्रकार के कोर्स हम लाए हैं, उसने हमने रामायण के पक्ष को लेकर रामचरितमानस को हमने वैकल्पिक विषय के तौर पर रखा है. 

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