
BPSC Candidates Protest Patna: पटना में पिछले 12 दिनों से बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) 70वीं की संयुक्त परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी था. बीपीएससी के अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर बुधवार को दिन भर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद रात आठ बजे पटना पुलिस ने छात्रों को सीएम आवास तक पहुंचने से रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया.
रविवार को प्रशांत किशोर के साथ हजारों अभ्यर्थी पटना के गांधी मैदान में इकट्ठा हुए और बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया. प्रदर्शनकारियों ने ‘बीपीएससी परीक्षा रद्द करो’ के नारे लगाए और इसका विरोध किया. इसके बाद, दिन में लगभग 4 बजे, प्रशांत किशोर के नेतृत्व में छात्र मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने के लिए जेपी गोलम्बर पहुंचे. हालांकि, कुछ समय बाद प्रशांत किशोर प्रदर्शन स्थल से निकल गए, जबकि प्रदर्शनकारी छात्र मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे.
इस बीच, पुलिस द्वारा आंदोलनकारी छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया. पुलिस के इस कदम से प्रदर्शनकारियों में गुस्सा फैल गया और वे प्रशांत किशोर को लेकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगे. उनका आरोप है कि प्रशांत किशोर ने उनका साथ छोड़ दिया. प्रदर्शनकारियों का मानना था कि प्रशांत किशोर ने उनका समर्थन केवल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए किया, जबकि उन्होंने उनकी समस्याओं पर सही तरीके से ध्यान नहीं दिया.
नौकरियों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है तो लंबी लड़ाई लड़नी होगी: PK
इसस पहले गांधी मैदान में अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "एक दिन नारे लगाने से कुछ नहीं होगा. बिहार में छात्रों का जीवन कई सालों से बर्बाद हो रहा है. यह लड़ाई लंबे समय तक चलानी होगी और इसे अंजाम तक पहुंचाना होगा." उन्होंने किसान आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि किसान दिल्ली में सालों तक डेरा डालकर बैठे थे, तभी कुछ हुआ.
उन्होंने कहा, 'बिहार में डोमिसाइल नीति में बदलाव, पेपर लीक और नौकरियों में भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है तो बिहार के छात्रों को एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़नी होगी.'