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Success Story: कभी पिता के साथ बेचनी पड़ती थीं सब्जियां, पढ़ाई की लगन और कड़ी मेहनत से बनीं सिविल जज

Success Story: अंकिता के माता-पिता ने मुसाखेड़ी की गलियों में सब्जियां बेचकर अपने बेटी की पढ़ाई पूरी कराई. वह खुद भी उनकी समय समय पर माता-पिता की मदद करती थीं.

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धर्मेंद्र कुमार शर्मा
  • इंदौर,
  • 05 मई 2022,
  • अपडेटेड 4:42 PM IST
  • सब्‍जी बेचकर मां-बाप ने कराई पढ़ाई
  • खुद भी सब्‍जी बेचने में करती थीं मदद

Success Story: अपने माता-पिता की सपनों को इंदौर की बेटी ने ऐसे पूरा किया कि सारा परिवार उसपर गर्व करते नहीं थक रहा. अपने संघर्ष भरे जीवन के बाद भी अंकिता ने अपनी पढ़ाई को जारी रखा और अखिरकार नागर मध्य प्रदेश ज्यूडिशरी मैं सिविल जज के पद पर चयनित हुईं. अंकिता के माता-पिता ने मुसाखेड़ी की गलियों में सब्जियां बेचकर अपने बेटी की पढ़ाई के लिए काफी मेहनत की, जिसके चलते बेटी ने अपने पिता के सपने को पूरा कर आज उनका सर फक्र से ऊंचा कर दिया.

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इंदौर के मूसाखेड़ी में रहने वाली अंकिता नागर ने बेहद कड़ी मेहनत और परिश्रम से सिविल जज की परीक्षा पास की. अंकिता बताती हैं कि वह लगातार 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं. परिवार में माता-पिता सब्जी बेचते हैं और वह खुद भी उनकी समय समय पर मदद करती थीं. पिता सुबह 5 बजे उठकर मंडी जाते थे. जब वह मंडी से सब्जी लेकर आते थे तब अंकिता ठेले पर सब्जी जमा देती थीं.

अंकिता ने पढ़ाई के लिए काफी संघर्ष किया जिसका फल आखिरकार उन्‍हें और उसके परिवार को मिला है. अपनी खुशी जाहिर करते करते अंकिता की मां की आंखों में आंसू भी आ गए. वह बताती हैं कि अपने समय में बेटी को बेहतर एजुकेशन नहीं मिल पाई लेकिन अपनी बेटी को पढ़ाने का एक सपना जो उन्होंने देखा था, उसे मरने नहीं दिया और आज उसका फल भी मिला. 

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अंकिता के एक बड़े भाई और एक छोटी बहन भी है. दोनों भाई बहनों की शादी हो चुकी है जबकि अंकिता ने पढ़ाई की खातिर अभी तक शादी नहीं की. चयनित होने के बाद वह कहती हैं, "मैं निष्पक्ष, निडर होकर अब आम जनता की मदद करूंगी और उन्हें न्याय दिलाऊंगी." अंकिता उन बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा है जो कड़ी मेहनत के बाद भी कई बार परिश्रम करते हुए एग्जाम में फेल हो जाते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं. वह कई बार असफल रहीं लेकिन उनके लक्ष्‍य और आत्मविश्वास ने उन्हें आखिरकार सफल बनाया.

 

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