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दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है. बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर कापसहेड़ा के प्राइमरी स्कूल का दौरा किया जहां उन्होंने तमाम तरह की खामियां पाईं. उन्होंने बताया कि कापसहेड़ा में स्थित इस दिल्ली नगर निगम के स्कूल में छोटे बच्चे टाट-पट्टी पर पढ़ने को मजूबर हैं.
साल 2022 से शिक्षकों की कमी है, जो टीचर हैं भी उनमें से कई छुट्टी पर हैं, कोई प्रिंसिपल नहीं है, तीन कक्षाएं एक ही हॉल में चल रही हैं और टीचर भी एक है. इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के शिक्षा मॉडल पर जमकर बरसे.
BJP ने आम आदमी पार्टी को ठहराया कसूरवार
प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी अपने शिक्षा मॉडल को देश के दूसरे राज्य के लिए नजीर मानती है. साथ ही विदेशों में इसकी सरहाना की बात कहती है. इसे ये लोग विश्व का सबसे बड़ा शिक्षा मॉडल कहते हैं, शिक्षा से शराब का व्यापार करने वाली पार्टी देखिए, कौन सा मंत्री अपने बच्चों को यहां पढ़ाएगा? अपने बच्चों को बैठाकर देखिए. उन्होंने आगे,' राजधानी में आपने बच्चों को जमीन पर पढ़ने के लिए बैठा दिया है. छोटे-छोटे बच्चे, सात-सात, आठ-आठ साल के बच्चे, उन्हें यहां भेड़ बकरियों की तरह ठूंसा हुआ है और कहते हैं कि हम शिक्षा में क्रांती ला रहे हैं, हम शिक्षा के जनक हैं.'
सचदेवा ने कहा कि हम इसकी शिकायत दिल्ली के उपराज्यपाल के साथ ही एन.सी.पी.सी.आर. में भी करेंगे. ताकि बच्चों के साथ हो रहे इस तरह के व्यवहार पर तुरंत कार्रवाई हो और बच्चों को मुलभूत सुविधा मिल सके. उन्होंने कहा कि अप्रैल में यहां एडमिशन होता है लेकिन अभी तक यहां शिक्षकों की कमी है. शिक्षा के नाम पर लूटने का काम केजरीवाल सरकार कर रही है.
स्कूल में पीने के लिए पानी और बैठने के लिए डेस्क नहीं
नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने आरोप लगाया कि मसीडी के कापसहेड़ा स्कूल में पीने के पानी डेक्स बेंच नहीं है, पर्याप्त टीचर नहीं हैं, 2015 से 2022 तक आम आदमी पार्टी ने फंड रोक दिया था उस समय एमसीडी में बीजेपी का शासन था और अब जब आम आदमी पार्टी के शासन को MCD में 20 महीना हो गया है तब MCD स्कूलों की दयनीय स्थिति है. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि ये स्कूल अरविंद केजरीवाल के वर्ल्ड क्लास एजुकेशन सिस्टम की पोल खोलता है.
स्कूल में प्रिंसिपल नहीं, 7 टीचर छुट्टी पर
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली के इस प्राइमरी स्कूल में कुल 2137 बच्चे पढ़ते हैं. सुबह की शिफ्ट में लड़कियां और शाम की शिफ्ट में लड़के पढ़ते हैं. आज 1250 प्रेजेंट रहे. उनके लिए मिड डे मील भी आया. बीजेपी नेताओं ने खाना भी चेक किया. स्कूल में सीनियर टीचर और इंचार्ज ने बताया कि बच्चों के डेस्क नहीं होने और दरी पर पढ़ने के बारे में एक सीनियर टीचर ने कहा था कि डेस्क के लिए इसी साल अप्रैल में डिपार्टमेंट के सीनियर को पत्र लिखा गया. पत्र में करीब 80 डेस्क मांगे लेकिन अब तक नहीं मिले. इस स्कूल में नवंबर 2022 से प्रिंसिपल भी नहीं हैं. 7 टीचर बी.एल.ओ. ड्यूटी पर हैं तो 6 टीचर लम्बी छुट्टी पर हैं जिस कारण स्कूल में पढ़ाने को पूरे टीचर नही हैं.
भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली के स्कूलों पर कही ये बात
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि दिल्ली रात दिन मंत्री आतिशी एवं विधायक मनीष सिसोदिया से सुनती है कि दिल्ली में हमने स्कूलों को वर्ल्ड क्लास बना दिया है और आज हम कापसहेड़ा के इस नगर निगम स्कूल में खड़े हैं जहाँ के हालत देखकर दुख होता है. उन्होंने कहा कि स्कूल में एक हाल में तीन तीन कक्षाएं चल रहीं हैं और एक शिक्षक उन तीनों को पढ़ा रही हैं. बच्चों के लिए कोई बच्चों के लिए पेयजल उपलब्ध नहीं है. वाटर कूलर होना तो दूर स्कूल के सभी नल सूखे हैं या टूटे हैं. स्कूल के टॉयलेट ब्लाक बेहद गंदे हैं और लगभग 550 छात्राओं के लिए कोई अलग से टॉयलेट नहीं है. स्कूल में कक्षाओं में साफ सुथरे ब्लैक बोर्ड तक का अभाव है.
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि कापसहेड़ा के स्कूल की बदहाली कोई अकेला मामला नही है, दिल्ली के हर कोने में ऐसी ही स्थिती के सरकारी स्कूल देखे जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जो जेल के अंदर हैं और मनीष सिसोदिया जो जमानत पर बाहर आए हैं, वे आकर देखें ऐसे स्कूलों की स्थिति और उनसे सिर्फ इतना ही सवाल है कि क्या ऐसे स्कूल में वे अपने बच्चों को पढ़ा सकते हैं.
बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि हम सभी ने देखा कि कैसे यहां बच्चे नीचे बैठे हुए हैं, टॉयलेट बदबुदार हैं और शिक्षकों की कमी है. मैं आम आदमी पार्टी के नेताओं और स्थानीय विधायक से पूछना चहता हूं कि कहां है वह शिक्षा क्रांति जिसकी बड़ी-बड़ी बातें आतिशी, मनीष सिसोदिया या फिर अरविंद केजरीवाल करते हैं. इस पूरे मुद्दे को हम दिल्ली की मेयर के पास भी ले जाएंगे, ताकि इसमें सुधार हो सके और बच्चों का भविष्य उज्जवल हो सके.