
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि सीयूईटी सिलेबस पर NCERT के रैशनलाइज्ड सिलेबस का असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की ओर से कुछ पाठ्यक्रम हटाने के बाद इस साल की सीयूईटी परीक्षा प्रभावित नहीं होगी.
डीयू कुलपति ने कहा कि ये बदलाव सिर्फ नए शैक्षणिक सत्र के लिए हैं. इसका मतलब मुगल इतिहास, गांधी हत्या, आपातकाल, सीयूईटी की तैयारी के लिए प्रासंगिक रहेगा. हमें इस वर्ष सीयूईटी परीक्षा के लिए 25 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस साल हम साल में दो बार सीयूईटी नहीं कर सकते. सीयूईटी केवल इस शैक्षणिक प्रवेश वर्ष में एक बार होगा. बता दें, सीयूईटी की परीक्षा 21 अप्रैल 2023 को होनी है.
बता दें कि बीते साल जून 2022 में एनसीईआरटी ने मुगल इतिहास और शीत युद्ध जैसे टॉपिक वाले अध्याय हटा दिए थे. इसके अलावा आयोग ने अन्य विषयों से भी कई सब्जेक्ट हटाये थे. सीबीएसई बोर्ड ने इस बदलाव को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया था. अब लेकिन यूपी बोर्ड में किताबें पहले ही छप चुकी थीं. इस वजह से पिछले साल इन्हें नहीं निकाला जा सका था. अब यूपी सरकार ने 2023 में एनसीईआरटी के बदलाव वाली किताबें पढ़ाने को मंजूरी दी है.
अब एनसीईआरटी के नये बदलावों को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है. सीयूईटी, नीट या जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में असमंजस की स्थिति है कि आखिर उनसे परीक्षा में क्या पूछा जाएगा. डीयू कुलपति के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि सीयूईटी में इस सत्र में कोई बदलाव नहीं होगा. इस साल पुराने स्टेटस से ही सवाल पूछे जाएंगे.