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कोई डॉक्टर, कोई MBBS पास... STF के हत्थे चढ़े UP Police पेपर लीक के तीन मास्टरमाइंड, सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी कहानी

सिपाही भर्ती परीक्षा (Constable Recruitment Exam) के पेपर लीक (Paper Leak) मामले में यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है. एसटीएफ ने एग्जाम पेपर को ट्रांसपोर्ट करने वाली TCI Express के तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. इनमें अभिषेक शुक्ला, शिवम गिरी और रोहित पांडे का नाम शामिल है.

STF की गिरफ्त में तीन आरोपी STF की गिरफ्त में तीन आरोपी
संतोष शर्मा
  • लखनऊ ,
  • 15 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 4:28 PM IST

उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा (Constable Recruitment Exam) के पेपर लीक (Paper Leak) मामले में यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है.  एसटीएफ ने एग्जाम पेपर को ट्रांसपोर्ट करने वाली TCI Express के तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. इनमें अभिषेक शुक्ला, शिवम गिरी और रोहित पांडे का नाम शामिल है. तीनों को गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र से दबोचा गया है. 

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गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पेपर लीक (UP Police Paper Leak) के पूरे नेटवर्क की अहम जानकारियां सामने आई हैं. तीनों ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड टीसीआई एक्सप्रेस के कर्मचारी रहे हैं. अभिषेक साल 2021 में ट्रेनिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर टीसीआई एक्सप्रेस में काम कर चुका था.  

टीसीआई एक्सप्रेस में काम करते ही अभिषेक की शिवम गिरी से मुलाकात हुई थी. शिवम टीसीआई एक्सप्रेस के अहमदाबाद के खेड़ा वेयरहाउस में काम करता था, वहीं रोहित पांडे से उसकी मुलाकात हुई थी. रोहित नवंबर 2021 में टीसीआई एक्सप्रेस में काम करता था. 

गौरतलब है कि TCI एक्सप्रेस को ही सिपाही भर्ती का पेपर प्रिंट होने के बाद वेयरहाउस से ट्रांसपोर्ट करने का जिम्मा दिया गया था. इस बात की जानकारी पकड़े गए एक आरोपी रवि अत्री ने अभिषेक शुक्ला को दी थी. रवि ने अभिषेक को पेपर आउट करने पर 5 लाख और काम पूरा होने के बाद 15 से 20 लाख रुपये देने का वादा किया था. पेपर आउट करने में मदद करने वाले शिवम गिरी के अलावा हर मददगार को 5 लाख रुपये देने का वादा किया गया था. 

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सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी कहानी... 

1 फरवरी, 2024 को शिवम गिरि ने अभिषेक शुक्ला को कॉल करके बताया था कि शायद यूपी पुलिस का माल आया है. अभिषेक शुक्ला ने यह बात रवि अत्री को बताई तो रवि ने उससे कहा कि शिवम से कहकर बॉक्स की फोटो मंगवा लो. 

फिर 3 फरवरी को अभिषेक शुक्ला अहमदाबाद चला गया और रवि अत्री भी दिल्ली से अहमदाबाद पहुंच गया. 

4 फरवरी को शिवम गिरि ने ट्रंक बॉक्स की फोटो खींचकर अभिषेक शुक्ला को भेजी तब अभिषेक ने उस फोटो को रवि अत्री को भेजा. रवि अत्री ने अभिषेक शुक्ला के सामने राजीव नयन मिश्रा को कॉल करके सारी बातें बताई और बॉक्स की फोटो भेजी. 

राजीव नयन मिश्रा

इसके बाद रवि ने अभिषेक की बात राजीव से कराई, तब राजीव ने उससे कहा कि किसी भी तरह यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर निकलवाओ. रवि व राजीव ने अभिषेक से यह भी कहा था कि अगर काम हो गया तो तुम्हें इतना पैसा मिलेगा कि जीवन में और कुछ करने की जरूरत नहीं होगी. साथ में सरकारी नौकरी भी लगवाने की बात कही थी. 

5 फरवरी 2024 को राजीव नयन मिश्रा भोपाल से अहमदाबाद पहुंचा और 3 लाख रुपये शिवम गिरि के खाते में डाले. फिर रवि अत्री ने पटना के रहने वाले डॉक्टर शुभम मण्डल जो बॉक्स खोलने में एक्सपर्ट था, को कॉल करके सारी बातें बताई और उसको अहमदाबाद आने के लिये कहा.  जिसपर वह रात्रि में करीब 09:30 बजे प्लाईट से अहमदाबाद पहुंच गया. 

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ऐसे मिले सभी आरोपी 

अभिषेक शुक्ला, रवि अत्री तथा राजीव नयन मिश्रा एयरपोर्ट से डॉक्टर शुभम मण्डल को लेकर रात्रि में ही करीब 11:30 बजे टीसीआई कंपनी में पहुंचे जहां पर शिवम गिरि और रोहित कुमार पांडे मौजूद थे. 

राजीव  ने डॉक्टर शुभम को अपना फोन दिया और शिवम गिरि के साथ जाकर पेपर का फोटो खींच लेने को कहा, जिस पर शिवम के साथ डॉक्टर शुभम और रोहित कुमार पांडे टीसीआई कंपनी के अंदर गए. वहां डॉक्टर शुभम मण्डल द्वारा ट्रंक बॉक्स को पीछे से खोलकर यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के 02 कोड के पेपर निकालकर फोटो खींच ली गई. 

पेपर की फोटो खींचने के बाद अभिषेक शुक्ला, रवि अत्री, डॉक्टर शुभम मण्डल एंव राजीव नयन मिश्रा दशमेश होटल चले गए तथा शिवम गिरि व रोहित कुमार पांडे टीसीआई कंपनी के मेस में ही रूक गए. 

इसके बाद 7 फरवरी 2024 को भी 01 कोड का प्रश्न-पत्र और आया, जिसकी जानकारी शिवम गिरि ने अभिषेक शुक्ला को दी जिसे अभिषेक शुक्ला ने राजीव नयन मिश्रा व रवि अत्री को बताया. 

 8 फरवरी को रवि अत्री ने फिर से डॉक्टर शुभम मण्डल व राजीव नयन मिश्र को दोबारा अहमदाबाद बुलाया और राजीव ने अपना मोबाईल फोन डॉक्टर शुभम को देकर कहा कि शिवम के साथ जाकर उक्त परीक्षा के पेपर की फोटो खींच लो. 

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शिवम के साथ डॉक्टर शुभम और रोहित टीसीआई कंपनी के अंदर गए, जहां शुभम मण्डल ने ट्रंक बॉक्स पीछे से खोलकर यूपी पुलिस का एक कोड का पेपर निकालकर उसकी फोटो खींची. 

उसी दिन सुबह डॉक्टर शुभम मण्डल फ्लाईट से पटना चला गया और राजीव नयन मिश्रा उपरोक्त परीक्षा के प्रश्न-पत्र के चौथे कोड के इंतजार में रूके रहे. लेकिन चौथे कोड का प्रश्न-पत्र नहीं निकल पाया था. 

इन लोगों को किया गया पेपर सप्लाई

राजीव नयन मिश्रा व रवि अत्री ने यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा-2024 के प्रश्न-पत्र को विक्रम पहल, मोनू ढाकला, विकम दहिया, महेंद्र शर्मा, गौरव चौधरी, मोनू पंडित, सतीश धनकड़ (नेचर वेली रिसॉर्ट का मालिक), नीटू, धीरज उर्फ गोल्डी (वॉलीवुड रेस्टोरेंट सोनीपत हरियाणा का मालिक) आदि को दिया था. 

आरोपियों का बैकग्राउंड जान लीजिए  

शुभम मण्डल पेशे से डाक्टर है, जिससे यूपी एसटीएफ द्वारा पूछताछ की जा रही है. वहीं, राजीव नयन मिश्रा ने वर्ष 2021 में यूपी टीईटी का पेपर लीक कराया था. एसटीएफ द्वारा कौशाम्बी में मुकदमा पंजीकृत कराकर उसे जेल भेजा गया था. 

राजीव ने वर्ष 2023 में संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा, मध्यप्रदेश का पेपर भी लीक कराया था, जिसके संबंध में उसपर ग्वालियर में मुकदमा पंजीकृत है, जिसमें वह जेल जा चुका है. 

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इसके अलावा रवि अत्री ने एमबीबीएस किया है. इसने वर्ष 2015 में AIPMT संविदा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा, मध्यप्रदेश का पेपर लीक कराया था. उसपर हरियाणा में केस दर्ज है. 

डीजीपी ने क्या बताया?

मामले में डीजीपी प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक के बाद पेपर रद्द कर दिए गए थे. इसकी जांच यूपी एसटीएफ कर रही थी. एसटीएफ ने केस का खुलासा कर दिया है. अब तक कुल 178 मामले दर्ज किए गए थे. इनमें 396 की गिरफ्तारी पहले की गई थी. इनमें से 54 को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. इस मामले में 3 मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार, शिवम गिरी और रोहित कुमार पांडेय को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है.

प्रशांत कुमार ने आगे बताया कि आरोपियों से जब पूछताछ की गई तो रवि अत्रि बताया कि मैंने अभिषेक शुक्ला को बोला था कि जैसे ही पेपर वेयरहाउस में पहुंचे, इसकी जानकारी उन्हें दे दी जाए. अभिषेक ने पेपर आने की जानकारी दी, जिसके बाद ट्रंक बॉक्स की फ़ोटो भेजी गई. डॉ शुभम ने ट्रंक बॉक्स खोलकर पेपर की फ़ोटो ली और वापस ट्रंक बॉक्स को रख दिया. 8 फरवरी को वेयरहाउस से दोबारा पेपर निकाले गए थे. विक्रम पहल, मोनू ढाकला, गौरव चौधरी, सतीश धनकड़, नीटू और धीरज जैसों को पेपर भेजे गए. 

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फिलहाल, पेपर लीक के मास्टरमाइंड ने पेपर जहां-जहां दिए हैं, उसकी जांच हो रही है. पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ भी लगी हुई है. 396 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. 

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