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जवाहर नवोदय विद्यालय में रैगिंग, जूनियर स्टूडेंट्स के चेहरे, कान और प्राइवेट पार्ट्स में आईं चोटें

जवाहर नवोदय विद्यालय, पालघर के प्रिंसिपल का कहना है कि पांच छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर 10 जूनियर छात्रों की रैगिंग करने की शिकायत है. इस पूरे मामले के जांच की जा रही है. फिलहार परीक्षाएं चल रही हैं, परीक्षाएं खत्म होने के बाद जांच में दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

सांकेतिक तस्वीर (फोटो सोर्स: freepik.com) सांकेतिक तस्वीर (फोटो सोर्स: freepik.com)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

महाराष्ट्र के पालघर में जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों की रैगिंग का मामला सामने आया है. यहां 10 छात्रों ने अपने साथ पढ़ने वाले पांच छात्रों पर रैगिंग करने का आरोप लगाया है. रैगिंग की शिकायत के बाद जेएनवी प्रिंसिपल ने जांच शुरू कर दी है. साथ ही दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ उचित कार्रवाई की बात कही गई है.

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रविवार को महाराष्ट्र के पालघर में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के एक अधिकारी ने छात्रों की रैगिंग की जानकारी दी. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जेएनवी के प्रिंसिपल जॉर्ज अब्राहम का कहना है कि पांच छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर 10 साथियों की रैगिंग करने की शिकायत है. इस पूरे मामले के जांच की जा रही है.

11वीं के छात्रों ने जूनियर छात्रों को पीटा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 सितंबर को रात 11 बजे कक्षा 11 के छह से सात छात्रों ने दसवीं कक्षा के 35 छात्रों को निर्देश देने के बहाने उदयगिरि हाउस (लड़कों के छात्रावास का एक कंपार्टमेंट/हॉल) में आने के लिए कहा. जो छात्र छात्रावास में देर से पहुंचे थे उन्हें खड़ा किया गया, थप्पड़ मारे गए, जबकि अन्य को उनके प्राइवेट पार्ट्स (जननांगों) और घुटनों पर मारा गया. हालांकि कुछ देर बाद छात्र अपने कमरे में वापस चले गए, लेकिन उन्हें दोबारा सदन में बुलाया गया. सीनियर छात्रों ने छोटे-छोटे मुद्दों पर उनमें से कुछ को फिर से पीटा, जिससे जूनियर छात्र डर हुए हैं.

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ऐसे हुआ रैगिंग का खुलासा
जूनियर छात्रों में से एक के कान पर काफी चोट आई है, उसे गंभीर हालत में स्कूल नर्स के पास ले जाना पड़ा था. बाद में घायल छात्र के माता-पिता को बुलाया गया और उन्हें अपने बेटे को ईएनटी विशेषज्ञ के पास ले जाने के लिए कहा गया, जिसके बाद डॉक्टर ने छात्र के कान का पर्दा क्षतिग्रस्त हालत में पाया. छात्र ने रैगिंग की घटना बताई जिसके बाद उसके पिता ने जेएनवी प्रिंसिपल से शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत के बाद अन्य 10 छात्रों ने प्रिंसिपल से अपनी आपबीती बताई. जेएनवी पालघर के छात्रों के कई माता-पिता शनिवार को शिकायत दर्ज कराने और प्रिंसिपल के सामने अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए इक्ट्ठा हुए थे.

वहीं प्रिंसिपल का कहना है कि फिलहाल स्कूल में परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए हम परीक्षा खत्म होने के बाद जांच के बाद दोषी पाए जाने छात्रों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे. जेएनवी केंद्र सरकार के अधीन एक प्रणाली है और अधिकांश स्कूल देश के ग्रामीण हिस्सों में स्थित हैं.

रिपोर्ट: पीटीआई इनपुट के साथ

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