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झारखंड: फीस बढ़ोत्तरी पर एक्शन में शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, 73 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा

झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के मुताबिक, साल 2017 में तत्कालीन रघुवर दास की "डबल इंजन" सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस को कंट्रोल करने के लिए कानून बनाया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "शायद उस सरकार की प्राइवेट स्कूलों के साथ कोई सांठगांठ थी, इसलिए कानून कागजों तक सीमित रह गया."

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
सत्यजीत कुमार
  • रांची,
  • 02 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 7:57 PM IST

School fee hike: झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. फीस बढ़ोतरी, री-एडमिशन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूली और किताब-कॉपी बेचने जैसे मामलों में उनकी तल्ख टिप्पणी ने राज्य में हलचल मचा दी है. आज तक से खास बातचीत में सोरेन ने कहा कि यह मुद्दा कोई नया नहीं है. 

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शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के मुताबिक, साल 2017 में तत्कालीन रघुवर दास की "डबल इंजन" सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस को कंट्रोल करने के लिए कानून बनाया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "शायद उस सरकार की प्राइवेट स्कूलों के साथ कोई सांठगांठ थी, इसलिए कानून कागजों तक सीमित रह गया."

सोरेन ने बताया कि अब वही भाजपा विधायक, जो उस सरकार का हिस्सा थे, उनकी सरकार से प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सवाल उठा रहे हैं. शिक्षा मंत्री ने कहा, "सदन में उनके सवालों का जवाब देते हुए हमने कार्रवाई का भरोसा दिया है. हर जिले के उपायुक्तों को इस संबंध में पत्र भेजा जा चुका है. अगर जांच में स्कूलों के खिलाफ सबूत मिले, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे." उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर मामलों में स्कूलों की मान्यता तक रद्द की जा सकती है.

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इस कार्रवाई की शुरुआत शिक्षा मंत्री के गृह जिले पूर्वी सिंहभूम से हो चुकी है. जिला शिक्षा विभाग ने 73 प्राइवेट स्कूलों को किताब बेचने और फीस से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किया है. इन स्कूलों को 3 अप्रैल तक जिला शिक्षा पदाधिकारी को जवाब देना होगा. सोरेन ने कहा, "हमारा मकसद बच्चों और अभिभावकों को राहत देना है. प्राइवेट स्कूल शिक्षा को व्यापार नहीं बना सकते."

यह कदम झारखंड विधानसभा में हाल ही में उठे सवालों का नतीजा है, जहां भाजपा विधायकों ने फीस वृद्धि और री-एडमिशन शुल्क पर सरकार से जवाब मांगा था. सोरेन ने इसे विडंबना करार देते हुए कहा कि उनकी सरकार पुराने कानून को लागू करने के साथ-साथ नई व्यवस्था भी लाएगी ताकि शिक्षा सबके लिए सुलभ हो सके. इस बयान से प्राइवेट स्कूलों में खलबली मच गई है, और अभिभावक इसे राहत की उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं.

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