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JNUSU Election: जेएनयू कैंपस में चार साल बाद टूटा कोरोना का 'सन्नाटा', छात्रसंघ चुनाव ने बदला माहौल

दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्र संघ के चुनावों की शुरुआत हो गई है. नोटिस के अनुसार, 16 मार्च को फाइनल कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर दी जाएगी. इसके बाद 20 तारीख को प्रेसिडेंशियल डिबेट का आयोजन होगा. 24 मार्च को जेएनयूएसयू अध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी.

JNUSU चुनाव की पुरानी तस्वीर (File Photo) JNUSU चुनाव की पुरानी तस्वीर (File Photo)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 5:51 PM IST

JNU Election 2024: छात्र संघ चुनाव को लेकर जेएनयू विश्वविद्यालय हमेशा चर्चा में रहता है. देश के बाकी कॉलेजों में भी छात्र संघ चुनाव होते हैं लेकिन जेएनयू का माहौल अलग ही होता है. चार साल बाद फिर एक बार जेएनयू में चुनाव माहौल पैदा हो गया है. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ (Jawarlal Nehru University Student Union) के चुनाव की घोषणा चार साल बाद कर दी गई है. इस बार स्टूडेंट यूनियन के चुनाव 22 मार्च को होंगे. जेएनयू (JNU) की इलेक्शन कमेटी ने छात्र संघ चुनावों की घोषणा करते हुए बताया कि 11 मार्च को वोटर लिस्ट तैयार होगी और 14 मार्च से उम्मीदवारों का नामांकन शुरू होगा. 

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चार साल बाद क्यों हो रहे हैं चुनाव

कोरोना महामारी ने जेएनयू चुनावों पर रोक लगा दी थी. जेएनयू में पिछले चुनाव साल 2019 में आयोजित किए गए थे. कोरोना वायरस संक्रमण खत्म होने के बाद अब जेएनयू में चुनावी हवा चलने लगी है. विश्वविद्यालय में सभी छात्र चुनावों के काम में लगे हुए हैं. आधिकारिक नोटिस के अनुसार, 12 मार्च को वोटर लिस्ट में करेक्शन करा सकते हैं. इसके बाद अगले दिन 15 मार्च को नामांकन पत्र भरे जाएंगे. अगर किसी नॉमिनी को अपना नाम हटवाना है तो वे 16 तारीख को नामांकन वापसी कर सकता है.

जेएनयू चुनाव से जुड़ी जरूर तरीखें

छात्र संघ चुनाव की फाइनल लिस्ट 16 मार्च को जारी की जाएगी. इसके बाद शाम चार बजे के करीब विश्वविद्यालय एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करेगा. इसके बाद अगले दिन से मार्च तक सभी कैंडिडेट अपने साथियों के साथ जेएनयू के सभी स्कूलों में जाकर प्रचार-प्रसार करेंगे. 20 तरीख तक यह प्रचार-प्रसार जारी रहेगा. 20 तारीख की शाम को प्रेसिडेंशियल डिबेट की जायेगी.

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चुनाव के परिणामों पर प्रेसिडेंशियल डिबेट का काफी असर पड़ता है. इस डिबेट में सभी उम्मीदवार अपनी बात सामने रखते हैं. इसके लिए विश्वविद्यालय में टैंट लगाकर पूरा इंतजाम किया जाता है. विद्यालय प्रशासन और कॉलेज के सभी छात्र इस डिबेट को सुनने आते हैं. प्रेसिडेंशियल डिबेट में एक के बाद एक कैंडिडेट सामने आते हैं और सभी लोगों को अपनी बात समझाने की कोशिश करते हैं. जेएनयू चुनावों में कैंडिडेट्स का भाषण सुनने लायक होता है.

बता दें कि 22 मार्च को जेएनयू में वोटिंग होगी. इसके बाद काउंटिंग शुरू होगी. आधाकरिक नोटिस के अनुसार, काउंटिग के दो दिन बाद यानी कि 24 मार्च को परिणामों की घोषणा कर दी जायेगी. 

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