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कोटा के इन धुरंधरों ने किया जेईई मेन्स परीक्षा में कमाल, 14 छात्रों ने बनाई टॉपर्स लिस्ट में जगह

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को यह घोषणा की कि पूरे देश से 14 छात्रों ने जेईई-मेन 2025 में पूर्ण अंक प्राप्त किए हैं, जिनमें से अधिकांश राजस्थान से हैं. एनटीए ने 44 राज्य टॉपर्स की भी घोषणा की है, जिनमें से 14 कोटा के निजी कोचिंग संस्थान से जुड़े हुए हैं, चाहे वो क्लासरूम प्रशिक्षण के माध्यम से हों या ऑनलाइन टेस्ट सीरीज़ से.

Jee Mains Toppers from Kota Jee Mains Toppers from Kota
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 9:15 AM IST

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE Main 2025 Session-1) के परिणाम जारी कर दिए हैं. इस बार 14 उम्मीदवारों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं, और कुल 44 छात्रों ने इस परीक्षा में टॉप किया है. खास बात यह है कि इस साल भी कोटा के छात्रों ने जेईई परीक्षा में जबरदस्त प्रदर्शन किया है.

कोटा के चार छात्रों ने स्कोर किया 100 पर्सेंटाइल

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पीटीआई के अनुसार, राजस्थान के पांच में से चार छात्रों ने जेईई-मेन 2025 के पहले संस्करण में पूर्ण अंक प्राप्त किए हैं, और ये सभी कोटा स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान के छात्र हैं. इस संस्थान ने बताया कि जेईई-मेन में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले ओम प्रकाश बेहेरा ने 300 में से 300 अंक प्राप्त किए हैं. इसके अलावा, राजित गुप्ता, सक्शम जिंदल और अरनव सिंह भी इस संस्थान के अन्य 100 पर्सेंटाइल स्कोरर हैं.

44 टॉपर्स में से 14 छात्र कोटा के

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को यह घोषणा की कि पूरे देश से 14 छात्रों ने जेईई-मेन 2025 में पूर्ण अंक प्राप्त किए हैं, जिनमें से अधिकांश राजस्थान से हैं. एनटीए ने 44 राज्य टॉपर्स की भी घोषणा की है, जिनमें से 14 कोटा के निजी कोचिंग संस्थान से जुड़े हुए हैं, चाहे वो क्लासरूम प्रशिक्षण के माध्यम से हों या ऑनलाइन टेस्ट सीरीज़ से.

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सफल होने पर क्या बोले टॉपर्स?

परीक्षा में 300 में से 300 अंक प्राप्त करने वाले ओम प्रकाश बेहेरा ने बताया कि उन्होंने ने कोटा में तीन सालों तक अपनी पढ़ाई को पूरी तरह से समय दिया. उन्होंने कहा कि उनकी मां, स्मिता रानी बेहेरा, ने ओडिशा में अपने व्याख्याता पद से इस्तीफा देकर तीन साल तक कोटा में उनके साथ रहकर उनकी बेहतर देखभाल की.

राजित गुप्ता ने कहा कि वे जेईई-एडवांस्ड क्वालीफाई करने को लेकर पूरी तरह से कॉन्फिडेंट थे. उन्होंने कहा, "मैंने कभी सख्ती से पढ़ाई का शेड्यूल नहीं अपनाया, क्योंकि इससे अनावश्यक दबाव बनता था. इसलिए, जब मेरा मन करता था, तभी पढ़ाई करता था, लेकिन जो समय मैंने पढ़ाई में दिया, उस समय को अच्छे से इस्तेमाल किया."

सक्शम जिंदल, जो 100 पर्सेंटाइल स्कोर करने वाले एक अन्य टॉपर हैं, उन्होंने अपनी सफलता के लिए एनसीईआरटी सिलेबस और साप्ताहिक टेस्ट सीरीज़ पर ध्यान केंद्रित किया. वहीं, भोपाल के अरनव सिंह ने कहा कि अभ्यास और शंकाओं को हल करना बेहद महत्वपूर्ण है. "जितनी अधिक शंकाओं को हल करेंगे, उतना ही मजबूत आपका विषय पर पकड़ बनेगा," उन्होंने कहा. उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन 10-12 घंटे पढ़ाई करते थे. 

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