
हॉस्टल में अपने बच्चे को पढ़ने भेज रहे माता-पिता चाहते हैं कि जहां उनका बच्चा पढ़ रहा है वहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे के खाने-पीने और हाइजीन का भी पूरा ध्यान रखा जाए. इसीलिए अभिभावक अपने बच्चे को अच्छे से अच्छे हॉस्टल में भेजते हैं, लेकिन दुख तब होता है जब वहां से भी अन हाइजीन, खाने में गड़बड़ी और बच्चे के बीमार होने की खबर आए. तेलंगाना के एक सरकारी हॉस्टल में खराब खाने की वजह से बच्चे बीमार पड़ गए हैं. इस घटना के बाद अभिभावकों की मांग है कि हॉस्टल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई की जाए.
तेलंगाना टीजी मॉडल स्कूल, रामायमपेट, मेडक जिला के छात्रों में फूड प्वाइजनिंग की वजह से 35 छात्रों के बीमार पड़ने का मामला सामने आया है. डॉक्टर का कहना है कि लगभग सभी छात्रों में उल्टी और डायरिया के लक्षण पाए गए हैं. जांच में संभावना है कि सरकारी हॉस्टल के नाश्ते में छिपकली पाई गई थी. बच्चे यही नाश्ता करने के बाद बीमार पड़े हैं. इसको लेकर अभिभावक की मांग है कि स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई की जाए.
हॉस्टल में बीमार पड़े छात्रों को जब हॉस्पिटल ले जाया गया तो डॉक्टर ने कहा कि खाने में किसी हानिकारिक चीज़ होने के कारण ही छात्र बीमार पड़े हैं. इस सिलसिले में जब छात्रों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि नाश्ते के दौरान उन्हें बर्तन में छिपकली मिली थी. छात्रों के इस बयान के बाद शुरुआती जांच में यही अनुमान लगाया जा रहा है कि नाश्ता बनाते समय ही खाने में छिपकली गिर गई होगी. इसके बाद छात्रों ने यह नाश्ता खाया और उनकी तबीयत खराब हो गई.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लिए खाने के सैंपल
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच के लिए खाने का सैंपल ले लिया है ताकि ये पता लगाया जा सके कि खाने में ऐसी क्या चीज़ थी जिसके कारण छात्र बीमार पड़ गए. वहीं दूसरी तरफ इस घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के अभिभावक और स्थानीय लोगों में खासा गुस्सा है जिसके चलते वे हॉस्टल प्रशासन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही वे सभी स्कूल और हॉस्टल के रसोई में हाईजीन से जुड़े कड़े नियमों की मांग कर रहे है. अभिभावकों की इस मांग के बाद स्कूल प्रशासन ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा है कि वे इस घटना पर ज़रूरी और कड़ी कार्यवाही करेंगे जिससे आगे ऐसी घटनाओं को होने से रोका जा सके.
तेलगांना के स्कूल में पांच छात्राएं पड़ी थीं बीमार
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब हॉस्टल के खाने में लापरवाही की वजह से बच्चों की तबियत बिगड़ी हो. पहले भी कई बार ऐसी ख़बरे आईं हैं जब हॉस्टल या स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ हुआ है. मार्च के महीने में तेलंगाना के ही एक सरकारी स्कूल की 5 छात्राओं को फूड प्वाइजनिंग की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, वहां की छात्रों ने बताया था कि स्कूल में बनने वाले खाने में अक्सर खराब सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है. फरवरी के महीने में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक स्कूल में 117 छात्रों की खराब खाना खाने की वजह से तबियत बिगड़ गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.