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प्रयागराज हाइकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का बड़ा फैसला, बिना टीईटी पास किए प्राथमिक शिक्षकों का प्रमोशन न हो

कोर्ट ने यह आदेश हिमांशु राणा और अन्य की याचिका पर दिया है. इसमें कहा गया था कि प्राथमिक शिक्षकों का TET (Teacher Eligibility Test) पास होना ज़रूरी है. इसके बावजूद टीईटी पास किए बगैर शिक्षकों का प्रमोशन किया जा रहा है.

अब प्राथम‍िक श‍िक्षकों का प्रमोशन के लिए TET पास होना जरूरी अब प्राथम‍िक श‍िक्षकों का प्रमोशन के लिए TET पास होना जरूरी
आशीष श्रीवास्तव
  • लखनऊ ,
  • 31 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

प्रयागराज हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम फ़ैसला देते हुए कहा है कि बिना टीईटी पास के प्राथमिक शिक्षकों का प्रमोशन न किया जाए. कोर्ट ने यह आदेश हिमांशु राणा और अन्य की याचिका पर दिया है. इसमें कहा गया था कि प्राथमिक शिक्षकों का TET (Teacher Eligibility Test) पास होना ज़रूरी है. इसके बावजूद टीईटी पास किए बगैर शिक्षकों का प्रमोशन किया जा रहा है.

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कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार समेत सभी पक्षकारों से तीन हफ़्ते में जवाब दाख़िल करने को कहा है. बता दें कि 11 सितंबर 2023 की एक अधिसूचना है जिसमें जूनियर और सीनियर बेसिक स्कूलों के सहायक व प्रधान अध्यापक पदों पर प्रमोशन को TET को अनिवार्य किया गया है. कोर्ट ने इस अधिसूचना के तहत निर्णय लेने के बाद ही प्राथमिक शिक्षकों की प्रमोशन करने को कहा.

यह आदेश जस्टिस एआर मसूदी व जस्टिस बीआर सिंह की बेंच ने मंगलवार को रिट याचिका पर पारित किया. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश अर्ह अध्यापकों के प्रोन्नति में बाधा न माना जाए. इस संबंध में की गई कार्रवाई वर्तमान याचिका के फैसले के अधीन होगी. याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2010 से शिक्षकों की नियुक्ति व प्रोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया गया था. 

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याचिका के मुताबिक पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए कहा गया था कि वे अपने पदों पर कार्यरत रहेंगे, लेकिन प्रमोशन के लिए उन्हें टीईटी पास करना होगा. इसके बावजूद भी नियम 18 के तहत टीईटी न पास करने वाले अध्यापकों को प्रोन्नति दी जा रही है. इस संबंध में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी पेंडिंग है.

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