
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को देशभर के कुल 50 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा. यह कार्यक्रम नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शिक्षकों को यह पुरस्कार देने वाली हैं.
कुल 50 शिक्षकों को मिलेगा पुरुस्कार
उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 का उद्देश्य भारत के कुछ बेहतरीन संकाय सदस्यों के विशिष्ट योगदान को मान्यता देना है. छात्रों के जीवन में बदलाव लाने में शिक्षकों के प्रयासों को सम्मान देने के लिए यह पुरुस्कार दिया जा रहा है. इसमें विजेताओं को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, रजत पदक और प्रमाण पत्र दिया जाएगा. कुल 50 शिक्षकों को इस पुरुस्कार से सम्मानित किया जाएगा जिसमें 50 दो उत्तर प्रदेश, दो मध्य प्रदेश और दो बिहार के हैं. आइए जानते हैं इस साल किन शिक्षकों को यह पुरुस्कार मिलने वाला है.
राज्य | शिक्षक का नाम |
हिमाचल प्रदेश | सुनील कुमार |
पंजाब | पंकज कुमार गोयल, राजेंन्द्र सिंह |
राजस्थान | बलजिंदर सिंह बर्रार, हुकुमचंद चौधरी |
उत्तराखंड | कुसुम लता गरिया |
गोवा | चंद्रलेखा दामोदर मिस्त्री |
मध्य प्रदेश | माधव प्रसाद पटेल, सुनीता गोधा |
गुजरात | चंद्रेश कुमार भोलाशंकर बोरीसागर, विनय शशिकांत पटेल |
छत्तीसगढ़ | शारदा |
ओडिशा | द्विति चंद्र साहू, संतोष कुमार कर |
पश्चिम बंगाल | आशीष कुमार रॉय, प्रशांत कुमार मारिक |
जम्मू और कश्मीर | उरफ़ाना अमीन |
उत्तर प्रदेश | रविकांत द्विवेदी, श्याम प्रकाश मौर्य |
बिहार | डॉ. मीनाक्षी कुमारी, सिकंदर कुमार सुमन सुमा |
अंडमान और निकोबार जवाहर नवोदय विद्यालय | सुनीता गुप्ता शीर्ष वीडियो |
केन्द्रीय विद्यालय | चारु शर्मा, अशोक सेनगुप्ता |
कैसे होता शिक्षकों का चयन?
हर साल, योग्य और इच्छुक उम्मीदवार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 के लिए आवेदन पत्र जमा करते हैं. यह पुरस्कार देश भर के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के सभी संकाय सदस्यों के लिए होता है. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 के लिए चयन प्रक्रिया दो चरणों में होती है. इसमें उम्मीदवारों की पहली शॉर्टलिस्टिंग के लिए एक रिसर्च और स्क्रीनिंग की जाती है. इसके बाद ‘जूरी’ नीमा एक समीति बनाई जाती है. जो शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों में से पुरस्कार विजेताओं का अंतिम चयन करती है.