Advertisement

'अभ्यर्थी परेशान हैं, NEET PG काउंसिलिंग प्रोसेस शुरू की जाए', IMA ने जेपी नड्डा से की मांग

IMA ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर उनसे नीट पीजी 2024 की काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग की है. साथ ही इसमें देरी को लेकर अभ्यर्थ‍ियों की चिंता और अनिश्चितता के बारे में बताया है.गौरतलब है कि वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में लंबित एक मामले के कारण यह पूरी प्रक्र‍िया रुकी हुई है.

मिलन शर्मा
  • नई दिल्ली ,
  • 09 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 1:20 PM IST

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से संपर्क कर उनसे नीट पीजी काउंसि‍ल‍िंंग में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की है. इसके अलावा NEET PG 2024 की काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी से उत्पन्न अनिश्चितता को उजागर किया है जो वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक मामले के कारण रुकी हुई है. 

IMA ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर उनका ध्यान नीट पीजी 2024 की काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी को लेकर बढ़ती चिंताओं और अनिश्चितता की ओर आकर्षित किया है, जो वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में लंबित एक मामले के कारण रुकी हुई है. 

Advertisement

डॉक्टरों के संगठन ने कहा कि काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी से देश भर में हजारों नीट-पीजी उम्मीदवारों को भारी परेशानी हो रही है. IMA ने पत्र में कहा कि स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों को लेकर अर्हता प्राप्त करने के लिए काफी मेहनत करने वाले ये उम्मीदवार न्यायिक कार्यवाही के कारण अपने भविष्य को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं. 

इस देरी का असर स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों के कामकाज पर भी पड़ रहा है क्योंकि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्नातकोत्तर छात्रों का समय पर प्रवेश अत्यंत महत्वपूर्ण है. पत्र में कहा गया है कि हम न्यायिक प्रक्रिया और कानूनी स्पष्टता की आवश्यकता का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन आईएमए का मानना ​​है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए हस्तक्षेप करना और संभावित समाधान तलाशना जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्रों के शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े. 

Advertisement

लंबे समय तक देरी से शैक्षणिक कैलेंडर में महत्वपूर्ण व्यवधान उत्पन्न हो सकता है, जिससे देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों के समग्र प्रशिक्षण और तैनाती पर असर पड़ सकता है, वह भी ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पहले से ही दबाव में है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement