
RO/ARO Paper Leak: उत्तर प्रदेश में सहायक समीक्षा अधिकारी और समीक्षा अधिकारी भर्ती पेपर लीक मामले की जांच में स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) की टीम लगी हुई है. आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर अब पूरी तरह एसटीएफ को ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया है. ट्रांसफर होने के बाद इस मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों को एसटीएफ एक साथ रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी.
आयोग के सचिव ने दर्ज कराई थी एफआईआर
11 फरवरी को यूपी में आरओ और एआरओ भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था, इसके बाद कैंडिडेट्स ने दावा किया कि पेपर लीक हो चुका है. इस मामले में आयोग के सचिव अशोक कुमार की तरफ से प्रयागराज के सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. यूपीएसटीएफ आरो पेपर लीक में 4 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. अब एसटीएफ की टीम इन आरोपियों को रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी.
जांच में सामने आए ये तथ्य
अब तक की जांच में खुलासा हुआ कि आरओ और एआरओ का पेपर दो स्तर पर लीक हुआ है. एक परीक्षा वाले दिन परीक्षा केंद्र से सुबह करीब 7:00 बजे पेपर लीक हुआ है और दूसरे स्तर में, परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर लीक करवाया गया था यानी एक गैंग ने पेपर छापने के बाद ट्रांसपोर्टेशन के दौरान पेपर लीक किया था. वहीं, दूसरे गैंग ने परीक्षा केंद्र पर परीक्षा से करीब ढाई घंटे पहले पेपर लीक करवाया था. सबसे अहम बात यह है कि दोनों ही गैंग की कड़ियां जेल में बंद राजीव नयन मिश्रा से जुड़ती हैं. कौशांबी के मंझनपुर से गिरफ्तार कमलेश कुमार पाल उर्फ केके ने प्रयागराज के बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज के एग्जाम कंट्रोलर अर्पित विनीत जसवंत की मदद से 11 फरवरी को करीब 7:00 बजे यह पेपर हासिल किया था.
दो तरह से किया गया पेपर लीक
पेपर हासिल करने के लिए केके 11 फरवरी सुबह 6:30 बजे जब पेपर बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज पहुंचा तो एग्जाम कंट्रोलर अर्पित विनीत जसवंत ने कृष्ण कुमार पाल उर्फ केके को परीक्षा केंद्र के अंदर कर लिया. पेपर के जो चार बंडल आए उसमें दो बंडल गार्ड को दिए और एक-एक बंडल अर्पित विनीत जसवंत और केके लेकर स्ट्रांग रूम में रखने चले गए. केके स्ट्रांग रूम में जाने के बजाय बगल वाले कमरे मेडिकल रूम में चला गया जहां कटर की मदद से उसने पैकेट खोला, पेपर निकाला, पेपर की फोटो खींची और पेपर लखनऊ के सौरभ शुक्ला को भेज दी. सौरभ शुक्ला से यह पेपर डॉ. शरद पटेल और बरखास्त सिपाही अरुण सिंह को दिया गया. शरद पटेल ने यह पेपर राजीव नयन मिश्रा को भेजा. राजीव नयन मिश्रा पेपर बेचने की सबसे अहम कड़ी था, जिसने एक दिन पहले ही शरद पटेल को पेपर भेजा था और जब शरद को परीक्षा वाले दिन पेपर हासिल हुआ, तो उसने यह लिखकर पेपर भेजा कि यह वही पेपर है, जो आपने मुझे एक दिन पहले ही भेजा था.
यूपी के इन जिलों से गिरफ्तार हुए लोग
आरओ और एआरओ भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) ने प्रयागराज, कौशांबी, लखनऊ, मेरठ में पेपर लीक से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया है. रविवार को यूपीएसटीएफ ने परीक्षा केंद्र से पेपर लीक कराने वाले गैंग की अहम कड़ी डॉ शरद पटेल और केके पाल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था.
गिरफ्तार हुए आरोपियों से एक साथ होगी पूछताछ
यानी एजेंसी या प्रिंटिंग प्रेस से पेपर आउट करने वाले नेटवर्क का राजीव मिश्रा से भी कनेक्शन था, जिसने उसे परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर दे दिया था. अब यूपीएसटीएफ उन सारी कड़ियों को जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर को एसटीएफ ट्रांसफर करवाएगी. केस एसटीएफ ट्रांसफर होगा तो गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी एक साथ रिमांड पर लिए जाएंगे, एक साथ पूछताछ होगी तो राजीव नयन मिश्रा के दूसरे सिंडिकेट का भी सिरा हाथ लगेगा, जिसकी मदद से उसने प्रिंटिंग प्रेस या ट्रांसपोर्टेशन से पेपर पहले ही हासिल कर लिया था. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने साफ कहा कि केस एसटीएफ में ट्रांसफर होने से पेपर लीक करने वाले गैंग की अलग-अलग नेटवर्क राजीव नयन मिश्रा से कैसे जुड़े यह साफ हो पाएगा और साथ ही पेपर प्रिंटिंग प्रेस या ट्रांसपोर्टेशन के दौरान किसने और कैसे लीक किया यह भी पकड़ में आएगा.