
कोलकाता में मेडिकल स्टूडेंट्स कई दिनों से आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से रेप के बाद हत्या की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच उत्तर 24 परगना के सागर दत्त मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मेडिकल स्टूडेंट्स पर हमले का मामला सामने आया है. गुरुवार को स्टूडेंट्स पर हमला उस वक्त हुआ जब मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट्स और काउंसिल की बैठक चल रही थी. आरोप है कि मीटिंग के दौरान कुछ बाहरी उपद्रवियों ने हमला किया.
काउंसिल की बैठक के दौरान कांच के दरवाजे तोड़े
सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज में छात्रों का एक ग्रुप अपनी कुछ मांगों को लेकर कॉलेज के अधिकारी के साथ मीटिंग करने आए थे. मीटिंग चल रही थी. इस दौरान कॉलेज के कुछ छात्र गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. तभी 100 से 150 लोग कॉलेज कैंपस में घुस आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी. काउंसिल की बैठक के दौरान कांच के दरवाजे तोड़े दिए गए.
प्रिंसिपल ने छात्रों पर लगाया गंभीर आरोप
सागर दत्त मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के प्रिंसिपल ने आरोप लगाया है कि बैठक के दौरान कुछ छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि कांच के दरवाजे को भी नुकसान पहुंचाया गया है. इस बीच बंगाल पुलिस मौके पर पहुंच गई जिसके बाद मामले को कंट्रोल में लाया गया. बताया यह भी जा रहा है कि तोड़फोड़ कॉलेज हॉस्टल्स की कमी और हॉस्टल्स के अलॉटमेंट के मुद्दे पर हुई.
पीड़िता के पिता ने पुलिस पर लगाया मामले को दबाने की कोशिश का आरोप
दूसरी ओर, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और हत्या का मामला चर्चा में है. पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच पीड़िता के पिता ने कोलकाता पुलिस को लेकर बड़ा बयान दिया है. पीड़िता के पिता ने कोलकाता पुलिस पर मामले को दबाने का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कोलकाता पुलिस ने जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार करवाकर मामले को दबाने की कोशिश की थी.
उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस मामले के सामने आने के बाद हमें रिश्वत देने की कोशिश की थी.उन्होंने कहा कि कोलकाता पुलिस शुरुआत से ही इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी. हमें बेटी का शव तक देखने नहीं दिया गया और घंटों पुलिस स्टेशन में इंतजार कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद हमें शव सौंपा गया. इसी बीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने हमें रिश्वत देने की कोशिश की लेकिन हमने इससे इनकार कर दिया.