Advertisement

सरस आजीविका मेला में लखपति दीदियों का जलवा, महिलाओं ने लगाई 150 स्टॉल, मिल रहे ये खास आइटम

सरस आजीविका मेला में आपको ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़ की सिल्क साड़ी, कॉटन साड़ी, हैंडलूम कपड़ा, कॉटन सूट मिलेंगे. यहां उत्तर प्रदेश की बेडशीट की भी स्टॉल मिलेगी. पश्चिम बंगाल की कंथा स्टिच साड़ियां और ड्रेसेस भी उपलब्ध हैं. आइए जानते हैं इस मेले में और क्या-क्या खास है और यहां कैसे पहुंचा जा सकता है.

Saras Ajeevika Mela 2024 Saras Ajeevika Mela 2024
पल्लवी पाठक
  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:02 PM IST

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर ‘सरस आजीविका मेले 2024' से गुलज़ार है. अगर आप देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ी चीज़ें खरीदना चाहते हैं तो ये आपके लिए बिल्कुल सटीक जगह है. बस इसके लिए आपको प्रगति मैदान में लगे सरस आजीविका मेले का रुख करना होगा. यहां करीब 150 से अधिक स्टॉल लगी हैं. जहां कपड़े, जूती, ज्वैलरी से लेकर आपको खाने पीने का सामान भी मिलेगा. SARAS आजीविका मेले में इस बार विशेष ध्यान 'लखपति दीदी' पर दिया गया है. 

Advertisement

ये मेला केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) द्वारा लगाया गया है. इस मेले का मूल उद्देश्य न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करना है, बल्कि यह ग्रामीण शिल्पकारों, कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को एक राष्ट्रीय मंच पर लाकर उन्हें समृद्धि की ओर बढ़ने का अवसर भी प्रदान करना है. 

इस साल यहां भारत के अलग-अलग राज्यों से आए कारीगरों और शिल्पकारों के बनाए गए हस्तशिल्प, हैंडलूम उत्पाद और जैविक खाद्य पदार्थ प्रदर्शित किए जा रहे हैं. यह मेला ग्रामीण भारत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अहम कदम है, जो भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' की थीम पर लगा हुआ है.

इसलिए खास है ये मेला

ये मेला देशभर में महिलाओं को व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा रहा है. 'लखपति दीदी' योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है. मेले में असम, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल आदि राज्यों की महिलाओं ने अपने व्यापार की स्टॉल लगाई हुई है. अगर आप यहां जाएंगे तो देखेंगे देश की लखपति दीदियों यहां हाथ से बने हुए शोपीज आइटम बेच रही हैं तो कईयों ने हैंडलूम साड़ियां, ड्रेस मटेरियल्स, आभूषण, ज्वैलरी, और जैविक हस्तशिल्प उत्पादों की स्टॉल लगाई हुई है. आप इस मेले में 14 से 27 नवंबर 2024 तक 43वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) के दौरान भारत मंडपम के हॉल नंबर 9 और 10 में आ सकते हैं. 

Advertisement

सरस मेले में इस बार क्या खास मिलेगा?

इस मेले में आपको असम की बांस कला और जल हायसिंथ उत्पाद, बिहार की मधुबनी चित्रकला और सिक्की शिल्प, छत्तीसगढ़ की मोमबत्तियां, साबुन, लकड़ी के नाम प्लेट, गोवा और गुजरात के लकड़ी के खिलौने, सजावटी आइटम, हरियाणा के धातु कला, मिट्टी के सामान, कर्नाटक के कृत्रिम फूल कला, आभूषण, महाराष्ट्र के फुटवियर, ओडिशा के साबई हस्तशिल्प, पीतल के सामान, बिहार के स्वर्ण घास उत्पाद चूड़ियां और पश्चिम बंगाल के जूट हैंडबैग्स की दुकानें मिलेंगी.

कर्नाटक से आई नेत्रावती से सरल मेले में साड़ियों की स्टॉल लगाई हुई है. आजतक से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'हमारा गार्मेंट्स का काम है, हम लहंगा ब्लाउज बनाते हैं. हमारे यहां कॉटन, टसल सिल्क की साड़ियां मिलती हैं. लखपति दीदी के हिसाब से साल का एक लाख रुपये सेल होनी चाहिए लेकिन हमारा उससे ज्यादा ही हो जाता है. कनार्टक का फेमस कसूता सिल्क का कपड़ा भी हम बेचते हैं'. 

इतना ही नहीं हैंडलूम में आपको ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़ की सिल्क साड़ी, कॉटन साड़ी, हैंडलूम कपड़ा, कॉटन सूट मिलेंगे. यहां उत्तर प्रदेश की बेडशीट की भी स्टॉल लगी हुई है. पश्चिम बंगाल की कंथा स्टिच साड़ियां और ड्रेसेस भी उपलब्ध हैं. जम्मू और कश्मीर की ऊन और पश्मीना शॉल भी मिलेगी. उत्तराखंड की ड्रेसेस, ऊनी शॉल और जैकेट्स आइटम भी हैं. राजस्थान की हस्तनिर्मित जूती और मोज़री, चमड़े के सामान का समाना भी मिलेगा. इसके अलावा प्राकृतिक खाद्य पदार्थ में छत्तीसगढ़, झारखंड के बेसन, चावल, काजू, जैविक दालें, केरल के मसाले और कॉफी, सिक्किम की चाय पत्तियां, उत्तराखंड के जैविक सब्जियां और मसाले, उत्तर प्रदेश के औषधीय जड़ी-बूटियां, चावल और शहद की स्टॉल भी होगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement