
कोरोना के खतरों को देखते हुए करीब डेढ़ साल से स्कूलों में ताला लगा है. अब जब कोविड-19 की दूसरी लहर का खतरा कम हो रहा है तो ऐसे में कई राज्य स्कूल खोलने की तैयारी कर रहे हैं. स्कूल खोलने को लेकर एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने अपनी राय व्यक्त की है. जानिए एम्स डायरेक्टर, स्कूल खोलने को लेकर क्या सोचते हैं.
डॉ. गुलेरिया के एएनआई को दिए बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि मुझे पर्सनली लगता है कि हमें स्कूल खोलने पर आक्रामक रूप से काम करना चाहिए क्योंकि इसने युवा पीढ़ी को ज्ञान के मामले में वास्तव में प्रभावित किया है. खासतौर पर हाशिए के लोग जो ऑनलाइन कक्षाओं के लिए नहीं जा सकते हैं, वे इससे ज्यादा पीड़ित हैं.
उन्होंने ये भी कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से कहीं ज्यादा फिजिकल स्कूल उपयोगी होते हैं. उन्होंने इसका कारण भी बताया, साथ ही कहा कि स्कूल में छात्रों और अन्य गतिविधियों को लेकर बातचीत होती है जो बच्चों के चारित्रिक विकास में बहुत मदद करती है. हमें उन रणनीतियों पर प्रयास और काम करना चाहिए जिनसे स्कूल खुल सकें. डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि सितंबर-अक्टूबर तक बच्चों को टीका लगाया जा सकता है.
बंद स्कूल फिर खुलेंगे
बता दें कि केंद्र सरकार भी इस पर पहले कह चुकी है कि अप्रैल महीने से बंद स्कूल एक बार फिर से खुलेंगे, जब आबादी के एक महत्वपूर्ण हिस्से को टीका लगाया जाएगा. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल के आए बयान के अनुसार स्कूलों को शिक्षकों और बच्चों को एक साथ बैठने की जरूरत होती है. इससे वायरस तेजी से फैलता है, ऐसे में हम स्कूल-कॉलेज तभी फिर खोल सकते हैं, जब बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हों.
रहना होगा सतर्क
डॉ पॉल ने यह भी कहा कि कोविड के मामलों में कमी तमाम प्रतिबंधों के कारण आई है. स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षा के अन्य स्थानों को फिर से खोलने पर इसे ध्यान में रखकर ही विचार किया जाएगा, साथ ही साथ हमें सतर्क भी रहना होगा. बता दें कि कोरोना का खतरा कम होने को ध्यान में रखते हुए यूपी समेत कई राज्य स्कूल कॉलेज खोलने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी भी इस बात को लेकर एकमत हैं कि बिना वैक्सीनेशन के बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाना चाहिए.
01 जुलाई से राज्य में स्कूल में ऑफलाइन क्लासेज़
वहीं इसी हफ्ते तेलंगाना सरकार ने राज्य में लॉकडाउन पाबंदियां पूरी तरह से हटाने का फैसला किया है जिसके साथ ही स्कूल-कॉलेजों को भी दोबारा से खुलने की अनुमति दे दी गई है. कैबिनेट ने सभी विभागों के अधिकारियों को राज्य में लॉकडाउन के दौरान लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाने का निर्देश दिया है. इसी के तहत अब 01 जुलाई से राज्य में स्कूल में ऑफलाइन क्लासेज़ लगनी शुरू होंगी.
कैबिनेट ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि 01 जुलाई से पूरी तैयारी के साथ राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोला जाए और छात्रों को कक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए. शिक्षण संस्थानों के फिर से खुलने के साथ, कैबिनेट ने शिक्षा विभाग को छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति, ऑनलाइन कक्षाओं और अन्य संबंधित मुद्दों पर निर्देश और दिशा-निर्देश तैयार करने और इसे जल्द से जल्द जारी करने का निर्देश दिया है.