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उत्तर प्रदेश, जहां परीक्षा से पहले 'उत्तर'...पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में X पर आ रहे ऐसे रिऐक्शन

उत्तर प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा पेपर लीक मामला तूल पकड़ चुका है. ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उम्मीदवार लगातार पेपर लीक के विरोध में ट्वीट कर रहे हैं. छात्रों ने री-एग्जाम की गुहार लगाई है.

UP Constable exam paper leak tweets UP Constable exam paper leak tweets
पल्लवी पाठक
  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:14 PM IST

UP Police Bharti Paper Leak 2024: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2024 का पेपर लीक मामला ट्व‍िटर/X पर छाया हुआ है. अब तक 20 लाख से ज्यादा यूजर्स इस पर ट्वीट कर चुके हैं. हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने इन दावों को फर्जी बताया है. बोर्ड का कहना है कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. इसके अलावा बोर्ड द्वारा जांच कमेटी का गठन भी किया गया है लेकिन सोशल मीडिया पर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. #UP_Police_Reexam और #पुलिस_भर्ती आदि हैशटैग सोशल मीडिया हैंडल ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं.आइए जानें- अभ्यर्थी क्या कह रहे हैं. 

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सोशल मीडिया पर मचा बवाल

यूजर्स का कहना है कि पेपर लीक हुआ है. ऐसे में इमानदारी से परीक्षा देने वालों के साथ यह खिलवाड़ है, इसलिए वे दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं. एक के बाद एक ट्वीट किए जा रहे हैं ताकि पेपर लीक की खबर के संघीन मामले को दबाया ना जा सके और परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए.

 

 

लोकसभा में पास हो चुका है बिल

पिछले एक हफ्ते में 2 ब़ड़ी भर्तियों के पेपर लीक हो चुके हैं, जिसको लेकर एक यूजर ने कमेंट किया कि 'जहां परीक्षा से पहले उत्तर पता चल जाए उसे उत्तर प्रदेश कहते हैं'. यूपी की इन दो पेपर लीक मामलों को लेकर छात्र काफी नाराज हैं. वायरल पोस्ट को देखकर आपको अंदाजा हो जाएगा. चौकांने वाली बात यह है कि पेपर लीक को लेकर लोकसभा में बिल पास हो चुका है, इसके बावजूद लोग पेपर लीक करने से बाज नहीं आ रहे हैं.

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पेपर लीक की फर्जी खबरों पर आयोग एक्शन में आ गया है. परीक्षा के आखिरी दिन पेपर लीक मामले से जुड़े 93 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. 15 फरवरी के बाद नकल रोकने, परीक्षार्थियों, सॉल्वरों, सॉल्वर गिरोह के सदस्यों और पेपर लीक के आरोपी व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए जिला पुलिस और एसटीएफ द्वारा चलाए गए एक ठोस अभियान के तहत कुल 287 गिरफ्तारियां की गई हैं. इसके अलावा भर्ती बोर्ड द्वारा इंटरनल जांच कमेटी का गठन भी किया गया है.

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