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IPS मनोज शर्मा जैसी है UP PCS टॉपर सिद्धार्थ की कहानी, अब बनेंगे SDM

यूपीपीसीएस 2023 परीक्षा के टॉपर सिद्धार्थ गुप्ता ने आजतक से बातचीत कर अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है. उन्होंने बताया कि पोस्ट बढ़ाने के लिए उन्होंने यह एग्जाम दोबारा दिया है. इसके बाद अब वह आईएएस की तैयारी करेंगे.

UPPCS Topper 2023 UPPCS Topper 2023
पल्लवी पाठक
  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 6:25 PM IST

UPPCS 2024 Topper Siddharth Gupta: इन दिनों IPS मनोज शर्मा की कहानी से प्रेरित '12वीं फेल' मूवी खूब सूर्खियां बटौर रही है. आम आदमी से लेकर सेलेब्स तक फिल्म की तारीफ कर रहे हैं कि कैसे 12वीं फेल स्टूडेंट ने SDM बनने का सपना देखा और IPS पद तक पहुंचे. ऐसी ही कहानी है यूपी पीसीएस 2023 टॉपर सिद्धार्थ गुप्ता की. जैसे आईपीएस मनोज शर्मा ने 12वीं क्लास में SDM का रुत्बा देखकर प्रेरित हुए थे, उसी तरह सिद्धार्थ भी 7वीं क्लास में SDM को देखकर काफी प्रेरित हुए थे और एक दिन उन्हीं की तरह एसडीएम बनने का ठाना था, जो पूरा करके दिखाया है. सिद्धार्थ ने यूपी पीसीएस 2023 परीक्षा में पहली रैंक हासिल की है.

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस 2023 का रिजल्ट घोषित कर दिया है जिसमें 251 अभ्यर्थी सफल हुए हैं. इस परीक्षा के टॉपर उत्तर प्रदेश साहरनपुर के रहने वाले सिद्धार्थ गुप्ता हैं. सिद्धार्थ ने परीक्षा पास करके तहसीलदार की पोस्ट हासिल की है. आजतक से बातचीत करते हुए सिद्धार्थ ने अपना एक्सपीरियंस और कुछ टिप्स भी शेयर किए हैं.

7 कक्षा में ही देख लिया था अफसर बनने का सपना

सिद्धार्थ ने बताया कि बचपन से उनका सपना एक अफसर बनने का था. जब उन्होंने स्कूल में एसडीएम को आते देखा, अफसर को मिलने वाली सुविधा और उनका रुत्बा देखा तो वह उन्हें काफी आर्कषक लगा. तब ही उन्होंने बड़े होकर ऑफिसर बनने का ठान लिया था. उन्होंने बताया कि 7 कक्षा में उन्होंने एक अफसर बनने का सपना देखा था, जो कि आज करके भी दिखाया है. सिद्धार्थ ने अपनी 12वीं साइंस स्ट्रीम से पूरी की है, लेकिन फिर भी उन्होंने आज इस पद को हासिल किया है. सिद्धार्थ ने 2018 में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद तैयारी शुरू कर दी थी. वह दिल्ली आए और उन्होंने करोल बाग में आईएएस की कोचिंग पूरी की. 

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पिछले साल भी क्लीयर किया था यूपीपीसीएस

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती...यह वाक्य सिद्धार्थ ने सही साबित कर दिया है. बता दें कि उन्होंने पहले भी पीसीएस की परीक्षा क्लीयर कर बिजनौर में तहसीलदार का पद हासिल किया था, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं थे इसलिए उन्होंने दोबारा पीसीएस का एग्जाम क्लीयर करने का सोचा और इस साल उन्होंने नायक तहसीलदार के पद पर पूरे राज्य में टॉप किया है. सिद्धार्थ के पिता का किराने का बिजनेस है और उनकी मां हाउस वाइफ हैं. 

8-9 घंटे पढ़ाई करना हो गया था मुश्किल

कमजोरियों को आंकने के लिए सिद्धार्थ ने बताया पिछले साल पीसीएस की मार्कशीट में उनके हिंदी में कम नंबर थे, जिसकी उन्होंने अगले साल और भी अच्छी तरह तैयारी की. इसके अलावा उन्होंने बताया कि वह रोजाना 8 से 9 घंटे पढ़ते थे, शुरुआत में उन्हें इस टाइमटेबल को फॉलो करने में काफी मुश्किल हुई क्योंकि इतने घंटे पढ़ाई को पूरे साल मेनेटन करना चैलेंज होता है, लेकिन दृढ़ संकल्प, स्ट्रॉन्ग विल और डेडीकेशन था कि उन्हें पीसीएस ही बनना है इसलिए वह घंटों तक पढ़ाई कर पाए. 

हालांकि अभी सिद्धार्थ के सपने रुके नहीं हैं. इसके बाद वह आईएएस का एग्जाम देने वाले हैं. तैयारी कर रहे बाकी उम्मदीवारों के लिए उनका कहना है कि वह मल्टीपल रिवीजन करें. उन्होंने कहा कि आपको इधर उधर नहीं भटकना है, सिंगल माइंड से फोकस करना है और 10-12 रिवीजन करना है. शादी को लेकर बोले कि पहले वो आईएएस की तैयारी करेंगे, इसके बाद कुछ सोचेंगे.

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