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NEP: उत्तराखंड नेशनल एजुकेशन पॉलिसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना

NEP: पहले चरण में 20 हजार आंगनबाड़ियों में से 5000 आंगनबाड़ी केन्द्रों में नई शिक्षा नीति के तहत बालवाटिका कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा. 

बालवाटिका कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा.  बालवाटिका कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा. 
अंकित शर्मा
  • देहरादून,
  • 12 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 10:37 AM IST
  • उत्तराखंड में शिक्षा का पैटर्न 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाल वाटिकाओं का उद्घाटन किया

देवभूमि उत्तराखंड में मंगलवार से नई शिक्षा नीति (National Education Policy) लागू कर दिया गया है. ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है. जहां पहली बार स्कूली शिक्षा में प्राइमरी एजुकेशन में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 (NEP) को लागू किया गया है. 

आज शिक्षा महानिदेशालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाल वाटिकाओं का उद्घाटन कर सूबे में नई शिक्षा नीति का औपचारिक शुभारंभ किया. पहले चरण में 20 हजार आंगनबाड़ियों में से 5000 आंगनबाड़ी केन्द्रों में नई शिक्षा नीति के तहत बालवाटिका कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा. 

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नई शिक्षा नीति में एनसीसी का भी प्रावधान रखा गया है और शिक्षा का पैटर्न 5+3+3+4 का पैटर्न फॉलो किया जाएगा. मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा. नई शिक्षा नीति के माध्यम से हमारे नौनिहालों के सर्वांगीण विकास हेतु सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी. सीएम धामी ने बताया की नई शिक्षा नीति से पढ़ लिख कर उत्तरखंड के बच्चे देश विदेश में प्रदेश का नाम रोशन करेंगे. 

NEP के बारे में 10 बिंदुओं में जानें 

1) बोर्ड परीक्षाएं मॉड्यूलर रूप में हो सकती हैं, अब बोर्ड परीक्षा रट्टा मारकर याद रखने वाले सिद्धांत को हतोत्साहित करते हुए ज्ञान और योग्यता आधारित होंगी.

2) मल्टिपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम में पहले साल के बाद सर्टिफिकेट, दूसरे साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल बाद डिग्री दी जाएगी.

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3) सभी उच्च शिक्षा संस्थानों, कानूनी और मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर, एकल नियामक यानी सिंगल रेगुलेटर द्वारा होगी.

4) केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत निजी और सार्वजनिक उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए सामान्य मानदंड अपनाया जाएगा. प्रेस कांफ्रेंस में शिक्षा सचिव अमित खरे ने कहा कि आज की तारीख तक हमारे पास अलग-अलग स्टैंडअलोन संस्थानों के लिए अलग-अलग विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग मानदंड हैं. नई शिक्षा नीति कहती है कि गुणवत्ता के कारणों के लिए मानदंड सभी के लिए समान होंगे, न कि स्वामित्व के अनुसार.

5) नई शिक्षा नीति के अनुसार विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली आम प्रवेश परीक्षा होगी. ये परीक्षा एनटीए यानी नेशनल टेस्ट‍िंग एजेंसी कराएगी.

6) स्कूल पाठ्यक्रम को मेन कॉन्सेप्ट में कम किया जाएगा. इसके साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण शामिल है.

7) नई नीति 2035 तक हाई स्कूल के 50% छात्रों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करना चाहती है, और इससे पहले सार्वभौमिक वयस्क साक्षरता (universal adult literacy ) प्राप्त करना है.

8) मंत्रिमंडल ने तय किया है कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 6% तक शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाया जाए जो कि अभी करीब 4.43 प्रतिशत के करीब है.

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9) सरकार 2030 तक प्री स्कूल से सेकेंड्री लेवल यानी माध्यमिक स्तर तक 100% ग्रॉस एनरोलमेंट के अनुपात को लक्षित कर रही है.

10) 5 वीं कक्षा तक मातृभाषा शिक्षा का एक माध्यम बनाया जाए.

 

 

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