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राजस्थान की दिव्या जैन ने UPSC में पाई 363वीं रैंक, IAS बनना है सपना, जानिए- किस स्ट्रेटजी से की थी तैयारी

राजस्थान के छोटे से जिले पाली की रहने वाली दिव्या जैन ने UPSC में पाई 363 वी रैंक लाकर परिवार को गर्व से भर दिया है. पांच बार में प्रीलिम्स परीक्षा पास कर पाईं दिव्या ने कभी भी अपना हौसला नहीं खोया. वो तैयारी में लगी रहीं और एक दिन सफलता हासिल की.

दिव्या जैन ने पाई 363वीे रैंक, घर में मनी खुशी दिव्या जैन ने पाई 363वीे रैंक, घर में मनी खुशी
भारत भूषण जोशी
  • पाली, मारवाड़ ,
  • 26 मई 2023,
  • अपडेटेड 3:22 PM IST

राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में पाली नाम का छोटा-सा जिला है. यहां के सीम‍ित संसाधनों में पली दिव्या जैन यूपीएससी परीक्षा परिणाम आने के बाद अपने जैसी युवा लड़कियों के लिए नजीर बन गई हैं. दिव्या ने पांच साल की तैयारी के बाद यूपीएससी परीक्षा में 363वीं रैंक हासिल की है. आजतक से बातचीत में दिव्या ने अपनी स्ट्रेटजी साझा की. 

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दिव्या ने बताया कि मैंने आईएएस के लिए जयपुर से कोचिंग की. यह मेरा पांचवां प्रीलिम्स था, लेकिन इसी बार में मैंने मेंस और इंटरव्यू भी पास कर लिया. इससे मेरा आत्मविश्वास और बढ़ गया है. दिव्या बताती हैं कि वो यूपीएससी के लिए द‍िन में दस से 12 घंटे पढ़ाई करती थीं. इसके अलावा खुद को फिजिकली फिट रखने के लिए योग और जॉगिंग का भी सहारा लेती थीं. 

सोशल मीडिया में हूं, पर वक्त नहीं दिया 
दिव्या ने बताया कि उनके भी सोशल मीडिया में अकाउंट हैं, लेकिन उन्होंने इसमें ज्यादा वक्त बर्बाद नहीं किया, वो सिर्फ यूट्यूब पर इंटरनेशनल न्यूज देखती थीं. उन्होंने बताया कि मैंने तैयारी ऑफलाइन मोड से की, मुझे वीडियो से ज्यादा खुद से बुक से पढ़ना ज्यादा पसंद है. खबरों के एनालिसिस वगैरह के लिए यूट्यूब या बाकी चैनल से मदद लेती थी. 

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छोटे जिले से भी तैयारी संभव 
दिव्या ने कहा कि भले ही छोटे से जि‍ले में सीमित संसाधन हैं. लेकिन आजकल ऑनलाइन मोड में सारा मैटेरियल अवलेबल होता है, आप उससे देखकर कोई भी किताब डाउनलोड करके पढ़ाई कर सकते हैं. इसके अलावा यूट्यूब पर बहुत से टॉपर्स ने स्ट्रेटजी शेयर की है, इससे आप खुद की स्ट्रेटजी बनाकर तैयारी कर सकते हैं. दिव्या कहती हैं कि यूपीएससी की तैयारी करना आजकल आसान हो गया है. 

दिव्या का परिवार पाली के बापूनगर में रहता है. उनके पिता जिनेन्द्र जैन बेटी की सफलता पर बेहद गौरवान्व‍ित महसूस कर रहे हैं. दिव्या ने बताया कि जब वो तीन बार में यूपीएससी की प्रीलिम्स नहीं निकाल पाई थीं तो एकबारगी वो डिप्रेशन में आ गईं. ऐसे में परिवार के लोगों ने भावनात्मक सहारा दिया. इसके बाद दो साल जयपुर से तैयारी करके सफलता हासिल की. उन्होंने बताया कि कॉलेज तक की पढ़ाई उनकी पाली में हुई. MA पॉलिटिकल साइंस में करने के बाद UPSC की तैयारी के लिए जयपुर चली गई थीं. 

 

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