Advertisement

UGC NET Result 2024: कैसे तैयार होगा यूजीसी नेट रिजल्ट? यहां देखें स्टेप वाइज पूरी प्रक्रिया

How is the UGC NET result score prepared: यूजीसी नेट कट ऑफ 'असिस्टेंट प्रोफेसर', 'असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ)' और 'केवल पीएचडी एडमिशन' के लिए तीन अलग-अलग लिस्ट जारी की सकती है. सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता स्कोर 40% है, जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए न्यूनतम स्कोर 35% है.

UGC NET Result 2024 (सांकेतिक तस्वीर) UGC NET Result 2024 (सांकेतिक तस्वीर)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 7:21 PM IST

UGC NET Result 2024: यूजीसी नेट रिजल्ट कल यानी 18 अक्टूबर 2024 को घोषित किया जाएगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'X' (पहले ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी है. जो उम्मीदवार अगस्त-सितंबर 2024 में आयोजित हुई यूजीसी नेट जून परीक्षा 2024 (री-एग्जाम) में बैठे थे, वे रिजल्ट जारी होने के बाद यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर जाकर अपना स्कोर और कट-ऑफ मार्क्स चेक कर सकेंगे. आइये जानते हैं यूजीसी नेट का रिजल्ट कैसे तैयार किया जाएगा.

Advertisement

UGC NET: क्वालीफाइंग मार्क्स
यूजीसी नेट कट ऑफ 'असिस्टेंट प्रोफेसर', 'असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ)' और 'केवल पीएचडी एडमिशन' के लिए तीन अलग-अलग लिस्ट जारी की सकती है. सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता स्कोर 40% है, जबकि आरक्षित श्रेणियों के लिए न्यूनतम स्कोर 35% है. प्रत्येक सही उत्तर पर 2 अंक और प्रत्येक गलत उत्तर पर 0 अंक गिना जाता है. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू नहीं होती.


यूजीसी नेट रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया और मानदंड इस प्रकार हैं-

स्टेप I: सहायक प्रोफेसर के लिए पात्रता के लिए योग्य उम्मीदवारों की संख्या मास्टर डिग्री या समकक्ष परीक्षा के आधार पर नेट (दोनों पेपरों में) में उपस्थित उम्मीदवारों के 6% के बराबर होगी.

स्टेप II: भारत सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार कुल स्लॉट अलग-अलग कैटेगरीज को अलॉट किए जाएंगे.

Advertisement

स्टेप III: विचार किए जाने के लिए, उम्मीदवार को दोनों पेपरों में उपस्थित होना चाहिए और सामान्य (अनारक्षित) / सामान्य-ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए दोनों पेपरों में कम से कम 40% कुल अंक प्राप्त करने चाहिए और आरक्षित श्रेणियों (एससी, एसटी, ओबीसी (गैर-क्रीमी लेयर से संबंधित), पीडब्ल्यूडी और ट्रांसजेंडर) से संबंधित सभी उम्मीदवारों के लिए दोनों पेपरों में कम से कम 35% कुल अंक प्राप्त करने चाहिए.

स्टेप V: जेआरएफ प्रदान करने के लिए उपलब्ध कुल स्लॉट भारत सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के बीच अलॉट किए जाते हैं.

नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस भी समझ लें

- एक से ज्यादा शिफ्ट में पेपर होने पर, विभिन्न शिफ्टों/सत्रों में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त रॉ मार्क्स को NTA स्कोर परसेंटाइल में बदल दिया जाता है.

- अगर किसी विषय की परीक्षा कई पालियों में आयोजित की जाती है, तो उम्मीदवार द्वारा प्राप्त रॉ मार्क्स के अनुसार एनटीए स्कोर की गणना की जाएगी. 

- सभी शिफ्ट/सत्रों के रॉ अंकों के लिए गणना किए गए एनटीए स्कोर को आवंटन तय करने के लिए आगे की प्रक्रिया के लिए मिला दिया जाएगा.

- अगर कई शिफ्ट के लिए प्रतिशत भिन्न/असमान हैं, तो सभी उम्मीदवारों (यानी सभी पालियों) के लिए उस कैटेगरी के लिए पात्रता कट-ऑफ सबसे कम होगी.

Advertisement

उदाहरण के लिए: दो पालियों में आयोजित परीक्षा में, यदि 40% अंक पाली 1 में 78 और पाली 2 में 79 के परसेंटाइल स्कोर के अनुरूप हैं, तो दोनों पालियों में 78 परसेंटाइल (100 से 78 के परसेंटाइल स्कोर) के बराबर या उससे अधिक वाले सभी उम्मीदवार सामान्य कैटेगरी में पात्र हो जाएंगे. पात्रता कट-ऑफ निर्धारित करने के लिए अन्य श्रेणियों के लिए भी इसी तरह के तरीके अपनाए जाएंगे. अगर परीक्षा अधिक संख्या में पालियों में आयोजित की जाती है, तो वही सिद्धांत लागू होगा. अधिक जानकारी के लिए यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर उलब्ध डिटेल्ड इंफोर्मेशन बुलेटिन चेक कर सकते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement