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पिता के मौत के बाद भी नहीं टूटे हौसले... नोएडा की रहने वाली वर्धा ने UPSC में हासिल की 18वीं रैंक

UPSC Civil Service Result Out: उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली वर्धा खान ने यूपीएससी सीएसई 2023 परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की है. वर्धा की शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज से हुआ है. 2015 में वर्धा के पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद वर्धा अपनी मां अफसर जहां के साथ नोएडा शिफ्ट हो गई. वर्धा की मां अफसर जहां केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाती हैं.

वर्धा खान को मिठाई खिलाते परिजन. वर्धा खान को मिठाई खिलाते परिजन.
भूपेन्द्र चौधरी
  • नोएडा,
  • 16 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 11:37 PM IST

यूपीएससी सीएसई 2023 के नतीजे जारी कर दिए गए हैं. नोएडा के कई छात्रों ने भी UPSC में बाजी मारी है. नोएडा की रहने वाली वर्धा खान ने UPSC में 18वीं रैंक हासिल की है. वर्धा के परिवार में खुशी है. उनके घर में बधाई देने वालों का तांता लगा है. वर्धा परिवार में पहली बच्ची है, जिसने यूपीएससी (UPSC) क्लियर किया है.

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मूलरूप से प्रयागराज की रहने वाली वर्धा के नोएडा सेक्टर-82 स्थित विवेक विहार सोसायटी में रहती है. आज यूपीएससी का परिणाम आया जिसमे वर्धा खान की 18वी रैंक आई है, आज वर्धा का परिवार बेहद खुश हैं. घर पर बधाई देने वालो का तांता लगा हुआ है. वर्धा शुरू से ही पढ़ने में शार्प थी. ये वर्धा का दूसरा प्रयास था. वर्धा के मुताबिक, 2022 में पहली बार जब उन्होंने UPSC का एग्जाम दिया था, तो उनका प्री भी नहीं निकल पाया था. इसके बाद ही अपनी कमियों को पहचान वर्धा ने दोबारा तैयारी शुरू की थी.

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'वर्धा की शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज से हुआ'

वर्धा की शुरुआती पढ़ाई प्रयागराज से हुआ है. 2015 में वर्धा के पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद वर्धा अपनी मां अफसर जहां के साथ नोएडा शिफ्ट हो गई. 10वीं के बाद वर्धा ने कॉमर्स लिया. 12वीं के बाद ग्रेजुएशन के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला ली.

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'नौकरी छोड़ सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की'

वर्धा की मां अफसर जहां केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाती है. पिता के मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वर्धा ने कॉरपोरेट नौकरी ज्वाइन की, लेकिन सिविल सर्विस के तैयारी के लिए वर्धा ने नौकरी छोड़ दी और फिर सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी.

'पुराने टॉपर्स के नोट्स पढ़कर तैयारी की'

वर्धा ने बातचीत के दौरान बताया कि वो रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करती थी. 2022 में पहले प्रयास के बाद ही उन्हें समझ आ गया था कि आगे उन्हें किस तरह तैयारी करनी है. वर्धा ने सोशल मीडिया के जरिए भी पुराने टॉपर्स के नोट्स पढ़के तैयारी की.

'सोशल मीडिया से क्लियर हुए उनके कई डाउट'

वर्धा ने बताया की वो सोशल मीडिया का अच्छा इस्तेमाल करती थी और कई डाउट उनके सोशल मीडिया से क्लियर हुए. रोजाना अखबार पढ़ती थी, ताकि करेंट अफेयर्स ठीक हो सके. वर्धा ने कहा की परिवार ने खूब सहयोग किया, जिस वजह से आज वो सफल हो पाई है.

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