
प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती. अभावों के बीच भी अपना रास्ता तलाश लेती है और मुकाम हासिल कर लेती है. छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक सब्जी दुकानदार के बेटे ने ऐसी ही मिसाल पेश की है. पिता के साथ बाजार में दिनभर सब्जियां बेचने वाला बबलू गुप्ता ने कठिनाई के बीच अपनी कोशिशों से कभी मुंह न मोड़ा. उसकी मेहनत रंग लाई और आज वह अफसर बन गया है.
छत्तीसगढ़ के कोरबा में सीतामढ़ी क्षेत्र का निवासी बबलू गुप्ता (25 साल) वस्तु एवं सेवा कर (GST) इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हुआ है. इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्होंने न तो महंगी कोचिंग क्लास की और न ही कोई और शॉर्ट कट अपनाया. उन्होंने अपनी मेहनत के बलबूते अपना लक्ष्य हासिल किया.
बबलू के पिता संतोष गुप्ता बाजार में आलू-प्याज बेचकर घर खर्च चलाते हैं. इस कार्य में अपने बड़े भाई के साथ बबलू भी हाथ बंटाते रहे. बबलू गुप्ता ने जब सिविल सर्विस की तैयारी करने का फैसला किया, तो कोचिंग क्लास के लिए पैसे नहीं थे. पर उन्होने कभी मुश्किल हालातों के आगे घुटने नहीं टेके और अपने फैसले पर अड़े रहे. दिन-रात मेहनत की और जीएसटी इंस्पेक्टर बनने में सफलता हासिल कर ली. बबलू बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रहा, इसलिए पिता ने पढ़ाई करने से नहीं रोका.
पढ़ाई में मेधावी रहा, 12वीं में लाए मेरिट अंक
बबलू ने रानी रोड स्थित गायत्री स्कूल से 2015 में 12वीं कक्षा में 95.6 प्रतिशत अंक के साथ छत्तीसगढ़ की मेरिट सूची में 5वीं रैंक हासिल कर कोरबा जिला का नाम रोशन किया था. उसके बाद से लगातार मेहनत करते रहे. 2020 में एसएससी परीक्षा के समय पढ़ाई के साथ-साथ बुधवारी बाजार में बड़े भाई गोपाल गुप्ता के साथ आलू-प्याज भी बेचे. इसी दौरान चाचा और पिता की तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भी रहता था. लेकिन हिम्मत नहीं हारा व समय निकाल कर तैयारी जारी रखा.
पोस्टमैन बने, तो कभी स्पर्धा में पिछड़ गए
संघर्ष करते हुए बबलू गुप्ता साल 2018 में पोस्ट ऑफिस में जीडीएस के रूप में सिलेक्ट हुए. उन्होंने पोस्टमैन और पोस्ट मास्टर के रूप में अपनी सेवाएं दीं. 2018 में रेलवे ग्रुप डी क्लियर किया लेकिन फिजिकल में चूक गए.
2019 में रेलवे को परीक्षा क्लियर करने से 3 नंबर से चूक गए.
2020 में SSC CGL का पहला प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली.
2021 में SSC MTS फर्स्ट अटेम्प्ट में ही क्लियर किया.
2022 में SSC CHSL परीक्षा पास की, लेकिन मेन्स में रह गए.
2022 में SSC CPO सब-इंस्पेक्टर का एग्जाम क्लियर किया, लेकिन चेस्ट 2 सेंटीमीटर कम पड़ गया.
2022 में ही SSC CGL फिर से क्लियर किया, लेकिन मेन्स में 0.9 नंबर से चूक गए.
641वीं रैंक के साथ बने GST इंस्पेक्टर
इन असफलताओं पर भी वह हिम्मत नहीं हारे और हौसला बनाये रखा. आखिरकार एसएससी सीजीएल 2023 क्लियर किया और ऑल इंडिया रैंक 641वीं के साथ जीएसटी (एक्साइज इंस्पेक्टर) बन गए. इस परीक्षा को भी एमटीएस के पद पर कार्य करते हुए क्लियर किया. एमटीएस के रूप में अभी वह केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग बिलासपुर में पदस्थ हैं.
2 किलोमीटर तक पैदल चलकर अपने घर पहुंचे
जीएसटी इंस्पेक्टर पद पर चयन के बाद बबलू गुप्ता गुरुवार को पहली बार बिलासपुर से कोरबा आये. इस मौके पर रेलवे स्टेशन में बाजा गाजा के साथ उनका स्वागत किया गया और जुलूस के रूप में लगभग 2 किलोमीटर तक पैदल चलकर वह अपने घर पहुंचे. रास्ते में फूलमाला पहनकर, आरती उतार कर और पटाखे फोड़ कर कई स्थानों पर उनका बस्ती वासियों ने स्वागत किया. बस्ती के निवासियों में बबलू गुप्ता की इस कामयाबी को लेकर हर्ष व्याप्त है और वह खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं.