
हाल ही में नागपुर कोर्ट में चपरासी गुलाम पठान की बेटी अमरीन कासिम ने उसी कोर्ट में बतौर जज पदभार संभालकर सफलता की एक मिसाल कायम की है. अमरीन ने अप्रैल में मजिस्ट्रेट पद के लिए आयोजित हुई कॉम्पटीटिव परीक्षा में आवदेन किया था, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत से पहली बार में ही पास कर लिया.
कहां से मिली प्रेरणा:
अमरीन बचपन में पिता के साथ कोर्ट जाया करती थी, जहां जज की कुर्सी देखकर उन्हें हमेशा उस पर बैठने की इच्छा रही. वह बताती हैं कि बचपन में वह पिता से हमेशा जज वाली कुर्सी पर बैठने की जिद करती थीं. कोर्ट में किसी और कुर्सी पर बैठना उनको मंजूद नहीं था. अमरीन ने बताया कि आज अपनी मेहनत से उस कुर्सी को पाकर, जो उनका सपना थी, बहुत खुश हैं.
परीक्षा की तैयारी:
अमरीन ने 2011 में डॉक्टर बीआर अम्बेडकर कॉलेज ऑफ लॉ से पांच साल पढ़ाई पूरी की थी. उसके बाद पूर्व जज श्यामनयन अभयंकर की देखरेख में प्रैक्टिस की. इसी के साथ हर रोज 16 घंटे की मेहनत के बाद अमरीन ने सफलता हासिल की.
पिता हैं रोल माॅडल:
अमरीन अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को देती हैं. उन्होंने बताया कि पैसों की कमी के बावजूद उनके पिता ने उनको बेहतर शिक्षा देने में कोई कमी नहीं छोड़ी. अमरीन कहती हैं कि हमारे समाज में जहां ग्रेजुएशन के बाद एक लड़की का शादी कर देने का रिवाज है, वहीं उनके पिता ने कभी भी उन पर ऐसा कोई दबाव नहीं डाला. हालांकि पिता के साथ-साथ वह आस-पास के लोगों के सहयोग को भी अपनी सफलता में भागीदार मानती हैं.