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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर और इंडीयन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी) से केन्द्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र, वाराणसी को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने हेतु प्लान बनाने की बात कही है.
इस प्रोजेक्ट के हेड प्रोफेसर जॉय सेन क्या कहते हैं?
इस प्रोजेक्ट की अगुआई करने वाले जॉय सेन आर.सी.जी स्कूल ऑफ इन्फ्रास्ट्रक्चर डिजाइन एंड मैनेजमेंट से ताल्लुक रखते हैं. वे कहते हैं कि वे बकायदा एक्शन प्लान पर काम कर रहे हैं. इसके तहत वे शहर के कई हिस्सों में सड़क के किनारे फुटपाथ बनाने का काम करेंगे.
वे देख रहे हैं 3000 साल पीछे का इतिहास
इस प्रोजेक्ट से प्रोफेसर अभिजीत मुखर्जी आईआईटी, खड़गपुर जुड़े हैं. वे कहते हैं कि एक तरफ जहां अधिकांश मॉडर्न कहे जाने वाले शहर 300 से 400 सालों में ही जमीदोंज हो रहे हैं. वहीं कोई शहर किस प्रकार 3000 सालों से अपनी जगह पर टिका है.
इस प्रोजेक्ट से जुड़ी टीम ने वहां के सुप्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के आस-पास लगभग 2000 साल पुरानी चीजें बरामद की हैं. उनका मानना है कि हड़प्पा संस्कृति के पतन के बाद वाराणसी अस्तित्व में आया.
मानव संसाधन मंत्रालय के संधि प्रोजेक्ट के तहत देश की विरासत को सहेजने के लिए व्यापक स्तर पर रिसर्च और सर्वे साल 2014 से ही शुरू है. सरकार ने अब इस प्रोग्राम को स्मार्ट सिटी प्लान से जोड़ दिया है.