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ओलंपिक में आ सकता है पोल डांस, इस डांसर की मेहनत से हुआ संभव

आम तौर पर पोल डांस को गलत समझा जाता था. लेकिन, बदलते समय के साथ लोगों की सोच भी बदल रही है. वैसे तो डांस की कई फोर्म्स हैं, लेकिन इसकी एक फोर्म पोल डांस को हाल ही में ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशंस ने एक खेल का रुप घोषित कर दिया है.

फोटो साभार- ट्विटर फोटो साभार- ट्विटर
मोहित पारीक
  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST

आम तौर पर पोल डांस को गलत समझा जाता था. लेकिन, बदलते समय के साथ लोगों की सोच भी बदल रही है. वैसे तो डांस की कई फोर्म्स हैं, लेकिन इसकी एक फोर्म पोल डांस को हाल ही में ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशंस ने एक खेल का रुप घोषित कर दिया है. कई लोग इसे फिटनेस एक्टिविटी भी मान रहे हैं.

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साथ ही अब इस डांस फोर्म को ओलंपिक में शामिल करने पर भी चर्चा की जा रही है. बता दें कि पोल डांस को खेलों का एक रुप करवाने के पीछे सबसे ज्यादा मेहनत 41 साल की इंटरनेशनल स्पोर्ट फेडरेशन की अध्यक्ष केटी कोएत्से की है.

कोटी लगभग 11 साल पहले इस फेडरेशन की अध्यक्ष चुनीं गई थीं. कोटी के की मानें तो पोल डांस को सिर्फ देर रात तक क्लबों में होने वाले स्ट्रिप डांस की नजर से ही देखा जाता था. लेकिन केटी के अनुसार पोल डांस किसी जिम्नास्टिक में खेलें जाने वाले अन्य खेलों से कम नही हैं.

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अपनी इस सोच के चलते ही केटी ने साल 2006 में पोल डांस को एक खेल के तौर पर शामिलल करने के लिए ट्राई किया. लेकिन उनका यह प्रयास किसी काम नहीं आया. पोल डांस के प्रति अपने लगाव और उत्साह ने उन्हें हारने नहीं दिया. इसके बाद उन्होंने पोल डांस की ऑनलाइन पिटीशन के रुप में मान्यता मांगी.

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जिसके पक्ष में लगभग 10 हजार लोगों का समर्थन देखने को मिला. इसके बाद से ही इंटरनेशनल स्पोर्ट फेडरेशन ने पोल डांस को गंभीरता से लेना शुरु कर दिया और इसके लिए कई कॉम्पटिशन करवाए. बता दें कि साल 2012 में पोल डांस की पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप हुई.

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