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जयपुर प्रवास के लिए आए कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी लौटे असम, इस बात की थी चिंता

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस, असम में सरकार बनाने जा रही है. कोविड-19 संक्रमण और केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के मद्देनजर प्रत्याशियों को वापस असम भेजा गया है. कार्यक्रम में विधायक रफीक टाक ने कहा आज देश जिस दौर से गुजर रहा है, वहां विपक्ष की मजबूती बेहद जरूरी है.

महाजोत गठबंधन प्रत्याशी लौटे असम (फोटो- आजतक) महाजोत गठबंधन प्रत्याशी लौटे असम (फोटो- आजतक)
शरत कुमार
  • जयपुर,
  • 17 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 12:55 AM IST
  • कांग्रेस गठबंधन को सता रहा खरीद फरोख्त का डर
  • जयपुर से असम के लिए प्रत्याशियों को किया रवाना
  • दो मई को आएंगे चुनाव के परिणाम

कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी शुक्रवार को चुनाव के लिए असम लौट गए. 7 दिनों तक जयपुर के होटल में प्रवास के बाद उन्हें चुनाव के लिए रवाना कर दिया गया. रवानगी से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी प्रत्याशियों से अपने आवास पर मुलाकात की. इस दौरान सीएम ने प्रत्याशियों को एक गांधी डायरी, एक मास्क और एक शॉल भेंट किया. सीएम ने सभी प्रत्याशियों से कहा आप एकजुटता बनाए रखें, आपने 5 साल तक संघर्ष किया है. आपको 2 मई तक एकजुटता बनाए रखनी है. परिणाम निश्चित तौर पर कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में है. 

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गहलोत ने कहा कि कांग्रेस, असम में सरकार बनाने जा रही है. कोविड-19 संक्रमण और केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के मद्देनजर प्रत्याशियों को वापस असम भेजा गया है. कार्यक्रम में विधायक रफीक टाक ने कहा आज देश जिस दौर से गुजर रहा है, वहां विपक्ष की मजबूती बेहद जरूरी है. कोई ऐसा राज्य नहीं जहां बीजेपी सत्ता हासिल करने के लिए खरीद-फरोख्त का खेल नहीं खेल रही है. 

प्रत्याशियों ने राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की मेजबानी की सराहना की. गौरतलब है कि 7 दिन पहले 20 से अधिक प्रत्याशियों को जयपुर लाया गया था. 2 मई तक इन्हें जयपुर में ही रखने का कार्यक्रम था लेकिन कोविड-19 के संक्रमण और केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के चलते कांग्रेस को इस बात की आशंका थी कि संभवत: 14 दिनों के क्वारनटीन नियम के चलते 2 मई को प्रत्याशी मतगणना के दिन शामिल नहीं हो पाएं. लिहाजा उन्हें समय से पहले ही वापस गुवाहाटी भेजा गया है.

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सात दिनों के जयपुर प्रवास के दौरान इन्हें जयपुर घुमाया गया और अजमेर दरगाह शरीफ़ में भी जियारत के लिए गए. इनमें से कई लोग रमजान के दौरान अपने परिवार के साथ भी रहना चाहते थे. 

 

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