Advertisement

'जो करेगा वो भरेगा... मैंने अरविंद केजरीवाल से बात करना छोड़ दिया', दिल्ली में वोटिंग के बीच बोले अन्ना हजारे

दिल्ली की जनता अपनी सरकार चुनने के लिए वोट कर रही है. केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में जारी वोटिंग के बीच अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल, उनके पार्टी बनाने को लेकर बड़ा बयान दिया है.

अरविंद केजरीवाल और अन्ना हजारे (फाइल फोटो) अरविंद केजरीवाल और अन्ना हजारे (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • अहमदनगर,
  • 05 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के मतदाता अपनी नई सरकार चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं. दिल्ली चुनाव में वोटिंग के बीच समाजसेवी और प्रसिद्ध गांधीवादी अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है. अन्ना हजारे ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने जब से राजनीतिक दल बनाया है, तब से मैंने उनसे बात करना छोड़ दिया है.

Advertisement

उन्होंने ये भी कहा कि मैं सामाजिक काम के लिए उनके साथ गया था. मैं किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहता, जो करेगा वो भरेगा. अन्ना हजारे ने अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़ाव के शुरुआती दिनों को लेकर भी बात की. उन्होंने दिल्ली चुनाव और मतदान को लेकर सवाल पर विस्तार से बताया कि मतदाताओं को अपना वोट देने से पहले किन पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए.

अन्ना हजारे ने कहा है कि वोट देने पहले जनता को उम्मीदवार का आचरण, शुद्ध आचार, शुद्ध विचार, जीवन भी देखना चाहिए और ऐसे उम्मीदवार को समर्थन देना चाहिए जो निष्कलंक हो. उन्होंने कहा कि मैं किसी के उपर आरोप नहीं लगाता. उन्होंने अरविंद केजरीवाल को लेकर एक सवाल पर कहा कि केजरीवाल शुरुआत में सामाजिक काम करने के लिए मेरे साथ आए थे. जिस दिन उन्होंने (अरविंद केजरीवाल ने) पार्टी बनाई, मैंने उन्हें दूर कर दिया. इसलिए अरविंद केजरीवाल पर नहीं बोलूंगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति मुर्मू से लेकर सोनिया-राहुल-केजरीवाल और परवेश वर्मा तक आतिशी तक... देखें दिल्ली के VIP वोटर्स की तस्वीरें

गौरतलब है कि अन्ना हजारे की अगुवाई में ही इंडिया अरेंस्ट करप्शन आंदोलन हुआ था. भ्रष्टाचार विरोधी इस आंदोलन के समय केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की सरकार थी और दिल्ली में शीला दीक्षित की. अरविंद केजरीवाल भी अन्ना हजारे के इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा हुआ करते थे और इसी आंदोलन के गर्भ से आम आदमी पार्टी निकली थी.

यह भी पढ़ें: दिल्‍ली में दलित-मुस्लिम सीटों पर कांग्रेस और AAP की जबर्दस्त टक्कर, क्या फंस गए हैं केजरीवाल?

आम आदमी पार्टी अपने गठन के बाद दिल्ली विधानसभा के पहले ही चुनाव (2013) में 28 सीटें जीतकर बीजेपी के बाद दूसरी सबसे पार्टी बनकर उभरी थी. तब केजरीवा की पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी. हालांकि, ये गठबंधन सरकार 49 दिन ही चल सकी और अरविंद केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था. आम आदमी पार्टी ने 2015 में 70 में से 67 और 2020 में 62 सीटें जीतकर प्रचंड जीत के साथ दिल्ली में सरकार बनाई थी.

(इनपुट- रोहित वॉल्के)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement