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वोटर यमुना किनारे वाला... जानें- दिल्ली की इन 15 सीटों पर कौन जीता-कौन हारा

दिल्ली में बहने वाली यमुना नदी के किनारे पर 15 विधानसभा सीटें आती हैं. यमुना नदी पल्ला गांव से राजधानी में दाखिल होती है और जैतपुर तक कुल 52 किलोमीटर की दूरी तय करती है.

यमुना किनारे बसी सीटों पर किसका रहा जोर यमुना किनारे बसी सीटों पर किसका रहा जोर
सीमा गुप्ता
  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:15 PM IST

दिल्ली में बीजेपी की जीत का जश्न मनाने पार्टी मुख्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'यमुना मैया की जय' के साथ अपना संबोधन शुरू किया. इससे साफ है कि दिल्ली की राजनीति में यमुना नदी का मुद्दा कितना मायने रखता है. दस साल से दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी के चुनाव हारने की एक वजह यमुना का प्रदूषण भी रहा जिसका मुद्दा चुनाव के दौरान लगातार गूंजता रहा. बीजेपी ने इसे लेकर केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा तो केजरीवाल ने यमुना की सफाई के लिए जनता से और 5 साल का वक्त मांगा था.    

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यमुना को लेकर बीजेपी का प्लान

बीजेपी मुख्यालय में पीएम मोदी के नारे के साथ ही यह साफ हो गया कि अगले 5 साल तक यमुना की सफाई का मुद्दा सियासी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बनने वाला है क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान भी तीनों की प्रमुख दलों के बीच यमुना की सफाई का मुद्दा छाया रहा था. अब देखना दिलचस्प होगा कि जीत के बाद बीजेपी लंबे वक्त से दिल्ली में सियासी चर्चा का विषय बनी यमुना की सफाई के लिए क्या कदम उठाती है. बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में भी यमुना के लिए अलग फंड और नदी की सफाई का वादा किया था. इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि केंद्र के सहयोग से बीजेपी साबरमती रिवर फ्रंट की तरह दिल्ली में भी यमुना रिवर फ्रंट बनाने का काम करेगी.

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ये भी पढ़ें: दिल्ली में AAP के 10 साल: केजरीवाल के वो फैसले जिन्होंने फीकी कर दी ब्रांड AK की चमक

दिल्ली में बहने वाली यमुना नदी के किनारे पर 15 विधानसभा सीटें आती हैं. यमुना नदी पल्ला गांव से राजधानी में दाखिल होती है और जैतपुर तक कुल 52 किलोमीटर की दूरी तय करती है. इस दौरान वजीराबाद बैराज से ओखला बैराज तक दिल्ली में यमुना 22 किलोमीटर का शहरी इलाका कवर करती है. इसमें आठ सड़क पुल, दो रेलवे पुल, दो पेंटूल पुल नदी को क्रॉस करते हैं. इसके अलावा दिल्ली के 22 प्रमुख नालों से निकलनी वाली गंदगी भी इसी यमुना में आकर गिरती है. यमुना किनारे बसी 15 सीटों में इस बार बीजेपी ने 9 और AAP ने 6 सीटें जीती हैं.


बीजेपी से जीते उम्मीदवार

नरेला में राजकरण खत्री 8596 वोटों से जीते
करावल में नगर कपिल मिश्रा 23355 वोटों से जीते 
घोंडा में अजय महावर 26058 वोटों से जीते
गांधीनगर में अरविंदर सिंह लवली 12748 वोटों से जीते
कृष्णा नगर में डॉ अनिल गोयल 19498 वोटों से जीते
जंगपुरा में तरविंदर सिंह मारवाह 675 वोटों से मनीष सिसोदिया को हराकर जीते
शाहदरा में संजय गोयल 5178 वोटों से जीते
लक्ष्मी नगर में अभय वर्मा 11542 वोटों से जीते
पटपड़गंज में रविन्दर सिंह नेगी (रवि नेगी) 28072 वोटों से जीते

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AAP से जीते उम्मीदवार

तिमारपुर में सुरिंदर पाल सिंह (बिट्टू) 1168 वोटों से जीते 
चांदनी चौक में पुनरदीप सिंह साहनी (सब्बी) 16572 वोटों से जीते
बुराड़ी में संजीव झा 20601 वोटों से जीते
ओखला में अमानतुल्लाह खान 23639 वोटों से जीते
बदरपुर में राम सिंह नेता जी जीते
सीलमपुर में चौधरी जुबैर अहमद 42477 वोटों से जीते

पीएम मोदी ने लिया संकल्प

दिल्ली जीतने के बाद अपने पहले भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि मां यमुना हमारी आस्था का केंद्र है, लेकिन दिल्ली की 'आप-दा' ने आस्था का अपमान किया. पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली का तो अस्तित्व ही मां यमुना की गोद में पनपा है. दिल्ली के लोग यमुना की इस पीड़ा को देखकर कितना आहत होते रहे हैं, लेकिन दिल्ली की 'आप-दा' ने इस आस्था का अपमान किया.

पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली की 'आप-दा' ने लोगों की भावनाओं को पैरों तले कुचल दिया था. अपनी नाकामी के लिए हरियाणा के लोगों पर इतना बड़ा आरोप लगा दिया. मैंने चुनाव प्रचार के दौरान संकल्प लिया है कि हम यमुना जी को दिल्ली शहर की पहचान बनाएंगे. मैं जानता हूं कि ये काम कठिन है और मैं ये भी जानता हूं कि ये काम लंबे वक्त का है. गंगा जी का ही देख लीजिए राजीव गांधी के वक्त से काम चल रहा है. समय कितना भी क्यों न जाए, शक्ति कितनी भी क्यों न लगे. लेकिन हम मां यमुना की सेवा के लिए हर प्रयास करेंगे, पूरे सेवाभाव से काम करेंगे.

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