
झारखंड में विधानसभा चुनावे के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में 66 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. इस लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं. बीजेपी ने इनमें से 8 टिकट उन नेताओं को दिए हैं, जो दूसरी पार्टियों से आए हैं, जबकि तीन ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में हार गए थे. इसके अलावा पार्टी ने 66 में से 12 महिलाओं को उतारा है.
बीजेपी ने दूसरों दलों से आए जिन नेताओं को टिकट दिया है, उनमें चंपाई सोरेन, बाबूलाल सोरेन, लोबिन हेंब्रम, कमलेश सिंह, रौशन लाल चौधरी, मनोज यादव, मंजू देवी और सन्नी टोप्पो शामिल हैं.
बीजेपी ने जेएमएम से आए चंपाई सोरेन को सरायकेला, बाबूलाल सोरेन को घाटशिला, लोबिन हेम्ब्रम को बोरियो सीट से टिकट दिया है. इसके अलावा कांग्रेस से आए मनोज यादव को बरही, मंजू देवी को जामुआ और सन्नी टोप्पो को मांदर से टिकट दिया है. एनसीपी से कांग्रेस में आए कमलेश सिंह को हुसैनाबाद और आजसू से आए रौशन लाल चौधरी को बरकागांव से मैदान में उतारा है.
इसके अलावा लोकसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं करने वाले नेताओं पर बीजेपी ने फिर दांव लगाया है. पार्टी ने गीता कोड़ा को जगन्नाथपुर, सीता सोरेन को जामताड़ा और समीर उरांव को विशुनपुर से मैदान में उतारा है.
कोल्हान इलाके में चंपाई की पकड़
चंपाई सोरेन को शामिल कराने के बाद बीजेपी कोल्हान इलाके में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही है. कोल्हान इलाके में 14 सीटें आती हैं, पिछले चुनाव में बीजेपी सभी सीटें हार गई थीं. कोल्हान टाईगर के नाम से जाने वाले चंपाई सोरेन के नेतृत्व में बीजेपी को न सिर्फ कोल्हान की 14 सीटों पर बेहतर करने की उम्मीद है, बल्कि संथाल परगना में भी उसे ऐसी ही उम्मीद है क्योंकि चंपाई सोरेन संथाल आदिवासी हैं. इस इलाके में 18 सीटें आती हैं.
आजतक को दिए इंटरव्यू में चंपाई सोरेन ने बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 25 मिनट का एक प्रेजेंटेशन दिया है. इस दौरान उन्होंने आदिवासी के हक समेत बांग्लादेश से घुसपैठ का मामला भी पीएम को बताया था. रिलीजियस कोड के बारे में भी सोरेन का कहना है कि 1951 तक आदिवासी का आइडेंटिफिकेशन था, लेकिन कांग्रेस ने उसे मिटा दिया. ये तमाम बातें चुनाव में बताई जाएंगी. ये भी बताया जाएगा कि झारखंड का गठन जब केंद्र में बीजेपी नेतृत्व वाली वाजपेयी सरकार थी, तब हुआ था. आदिवासियों के आंदोलन को अटल बिहारी वाजपेयी और बीजेपी ने ही समझा एवं सम्मान दिया.
कोल्हान से बीजेपी को बड़ी उम्मीद
कोल्हान रीजन की बात करें तो गीता कोड़ा जो कांग्रेस से सांसद थी, वो भी बीजेपी के टिकट पर लड़ रही हैं. पार्टी को उनसे भी उम्मीद है कि वो अच्छा प्रदर्शन करेंगी. खुद चंपाई सरायकेला से लड़ेंगे. उनके बेटे बाबूलाल सोरेन भी चुनाव मैदान में घाटशिला से हैं.
जमशेदपुर पूर्वी से रघुवर दास की बहू उम्मीदवार
रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास साहू भी जमशेदपुर पूर्वी से चुनावी मैदान में हैं, जबकि सरयू राय जिन्होंने 2019 में रघुवर को हराया था उनको जेडीयू ने जमशेदपुर पश्चिमी भेज दिया है. लिहाजा बीजेपी की मजबूत पकड़ वाली जमशेदपुर ईस्ट से पूर्णिमा की चुनावी राहें आसान मानी जा रही हैं.
अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा पोटका से मैदान में
अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा पर बीजेपी ने कोल्हान के ही पोटका से दांव खेला है. वहां पार्टी को उम्मीद है कि अच्छा प्रदर्शन देखने को मिलेगा.
संथाल इलाके में किसे टिकट?
संथाल में बोरियो से लोबिन हेंब्रम को बीजेपी ने मौका दिया हैं. वो चंपाई सोरेन के साथ जेएमएम से बगावत करके बीजेपी में शामिल हुए थे. जेएमएम के टिकट पर वो बोरियो से लगातार जीत दर्ज करते रहे हैं. बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार भी लोबिन बोरियो में कमल खिलाएंगे.
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सीता सोरेन को जामताड़ा से उतारा
दुमका से सुनील सोरेन को मौका दिया गया है जो 2019 में लोकसभा में शिबू सोरेन को हराकर संसद पहुंचे थे. हालांकि 2024 में उनके नाम की घोषणा करके पार्टी ने बाद में सीता सोरेन को चुनावी मैदान में उतारा था. सुनील सोरेन को दुमका से टिकट दिया गया है. सीता सोरेन को इस बार बीजेपी ने जामताड़ा से चुनावी मैदान में उम्मीद से उतारा है कि वो लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले इरफान अंसारी को झटका दे सकें.
पलामू प्रमंडल में नए चेहरों में कमलेश सिंह को पार्टी ने शामिल किया है. वो हुसैनाबाद से NCP पवार गुट से विधायक थे. अभी 4 अक्टूबर को बीजेपी में शामिल हुए हैं. अब बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी आपसी मतभेद जो टिकट बंटवारे के बाद उभर सकता है उसपर कंट्रोल करना. चाहे वो दुमका हो या फिर पलामू और आदिवासी सीट जिसकी संख्या 28 थी.