
जेएमएम छोड़कर बीजेपी का दामन थाम चुके झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन का कहना है कि चुनाव के बाद जमीन वापस लेने के लिए आदिवासी बड़ी अदालतें बुलाएंगे, केंद्र और राज्य की एजेंसियां हमारी मदद करें या नहीं. झारखंड में मतदान दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को होंगे. वहीं, वोटों की गिनती 23 नवंबर को होगी.
'आदिवासी ग्राम सभाएं बड़ी अदालतें लगाएंगी'
आजतक से बात करते हुए चंपाई सोरेन ने कहा, 'चार साल पहले संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ के बारे में पता चला था. हमारे विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने घुसपैठियों द्वारा आदिवासी महिलाओं को काटे जाने का मामला उठाया था.'
उन्होंने कहा, 'मंत्री के रूप में मेरे पास सीमित शक्तियां थीं. सीएम के तौर पर मैंने प्रशासन से इस पर डेटा इकट्ठा करने को कहा था.' चंपाई सोरेन ने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद आदिवासी ग्राम सभाएं बड़ी अदालतें लगाएंगी और बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा हड़पी गई जमीनें वापस लेंगी. उन्होंने कहा कि जमाताड़ा जैसे इलाके अपराध का केंद्र बन गए हैं.
सरायकेला से मैदान में हैं चंपाई सोरेन
चंपाई सोरेन झारखंड चुनाव की हॉट सीट सरायकेला से चुनाव मैदान में हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के लिए कोल्हान रीजन की कमान संभालते आए चंपाई इस बार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं.
बीजेपी ने जारी किया संकल्प पत्र
झारखंड चुनाव के लिए बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते दिनों पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया था. सकल्प पत्र जारी करने के बाद उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया और हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर हमला बोला.
अमित शाह ने कहा कि झारखंड का ये चुनाव न केवल सरकार बदलने का चुनाव है, बल्कि झारखंड का भविष्य सुरक्षित करने का चुनाव है. अमित शाह ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार झारखंड की अस्मिता - रोटी, बेटी, माटी को बचाने में विफल रही है.