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दिल्ली में कांग्रेस ने जिताऊ 1 दर्जन सीटों की पहचान कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने अंदरूनी सर्वे करवाया है और ये पाया है कि भले वो 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही हो लेकिन जीत की मजबूत संभावना लगभग 12 सीटों पर बन रही है. अगले दौर के चुनाव प्रचार में कांग्रेस ने फैसला किया है कि ज्यादातर नेता और कार्यकर्ता इन सीटों पर अपनी पूरी ताकत लगाएंगे.
दिल्ली चुनाव को लेकर एआईसीसी हेडक्वार्टर में लगातार बैठकों का दौर जारी है. ऐसी फीडबैक आई कि टिकट वितरण से लेकर पार्टी के फैसलों में रायशुमारी नहीं किए जाने की वजह से कई सीनियर नेता नाराज होकर घर बैठ गए हैं. शुक्रवार को दिल्ली कांग्रेस से जुड़े कई सीनियर नेताओं की मीटिंग बुलाई गई जिसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, दिल्ली महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अमृता धवन, पूर्व मंत्री मंगत राम सिंघल समेत और भी कई नेताओं को बुलाया गया. इस मीटिंग में इन नेताओं को जिम्मेदारियां दीं गईं और कहा गया कि आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार में जोर शोर से लगें.
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27 या 28 जनवरी से शुरू होगा राहुल प्रियंका का चुनाव प्रचार
सभी नेताओं को ये मैसेज दिया गया है कि कई सारी सीटों पर कांग्रेस के जीतने के समीकरण बन रहे हैं और आने वाले दिनों में ऐसी सीटों को पहचान करके ही चुनाव प्रचार की रूपरेखा तैयार की जाएगी. पार्टी ने अपने सर्वे में पाया है कि अल्पसंख्यक वोटरों का रुझान पार्टी के पक्ष में पहले से अच्छा खासा बढ़ा तो है लेकिन आम आदमी पार्टी अब भी वहां कांग्रेस से आगे बनी हुई है.
इसलिए आखिरी दौर में ऐसी सीटों पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से चुनाव प्रचार करवाने की तैयारी है, ताकि ये पॉजिटिव शुरुआत उन्हें जीत तक पहुंचा सके. ऐसा माना जा रहा है कि आखिरी 5-6 दिनों में हर रोज कांग्रेस के बड़े नेताओं की कम से कम एक-एक रैली जरूर हो जिससे जीतने वाली सीटों की संख्या बढ़ाई जा सके.
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कहां-कहां कितनी हो सकती हैं जीतने वाली सीटें?
जिन सीटों की पहचान पार्टी ने जीतने वाली सीटों के तौर पर की है उनमें 2 नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में, 2 से 3 नॉर्थवेस्ट लोकसभा क्षेत्र में, 5 से 6 चांदनी चौक और नॉर्थईस्ट लोकसभा क्षेत्र को मिलाकर, 1 से 2 पूर्वी दिल्ली तो इतनी ही सीट साउथ और वेस्ट दिल्ली में भी पहचान की गई हैं.