
वीर सावरकर के नाम से दिल्ली यूनिवर्सिटी(DU) के एक नए कॉलेज का नाम रखने पर विवाद बना हुआ है. कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने इसका विरोध किया है. संगठन चाहता है कि नए कॉलेज का नाम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाए. अब उनकी इसी मांग का कांग्रेस ने समर्थन किया है.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि डीयू के नए कॉलेज का नाम डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखना ज्यादा सही रहेगा. क्योंकि वीर सावरकर का दिल्ली से कोई कनेक्शन नहीं है. इससे बेहतर होगा कि दिल्ली या इसके आसपास के किसी स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर कॉलेज का नाम रखा जाए.
तिवारी ने आज तक को बताया कि मनमोहन सिंह के नाम पर कॉलेज का नाम रखना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी. डॉ. सिंह यूजीसी के चेयरमैन भी रहे हैं तो ऐसे में एनएसयूआई की मांग भी जायजा है.
उन्होंने कहा कि पर मेरा सवाल है कि दिल्ली चुनाव से ठीक पहले वीर सावरकर कॉलेज क्यों? क्या यह स्थिति को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश नहीं है? ऐसा नाम चुनना चाहिए था जिससे विवाद नहीं होता.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीर सावरकर के नाम से दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज की आधारशिला रख सकते हैं. विश्वविद्यालय के सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 जनवरी को पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली में दो नए दिल्ली विश्वविद्यालय परिसरों के साथ-साथ वीर सावरकर के नाम पर एक कॉलेज की नींव रख सकते हैं.
दिल्ली में वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज को साल 2021 में डीयू की कार्यकारी परिषद द्वारा मंजूरी दी गई थी. ये कॉलेज नजफगढ़ में 140 करोड़ रुपये की अस्थायी लागत पर बनाया जाएगा.